विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कार्मेल स्कूल के तीन मंजिला भवन भरभराकर गिरा

By JagranEdited By:
Published: Fri, 08 Mar 2019 10:35 AM (IST)

मधुपुर शहर के लॉर्ड सिन्हा रोड बेलपाड़ा मोहल्ला स्थित कार्मेल स्कूल के तीन मंजिला भवन का

कार्मेल स्कूल के तीन मंजिला भवन भरभराकर गिरा
कार्मेल स्कूल के तीन मंजिला भवन भरभराकर गिरा

मधुपुर: शहर के लॉर्ड सिन्हा रोड बेलपाड़ा मोहल्ला स्थित कार्मेल स्कूल के तीन मंजिला भवन का एक हिस्सा गुरुवार को भरभराकर गिर गया। इस दौरान टाइल्स लगाने का काम कर रहे दो मजदूर बाल बाल बच गए। संयोगवश स्कूल भी बंद था। नहीं तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। कोई हताहत नहीं हुआ है। घटना के समय स्कूल के अंदर अफरा-तफरी मच गया।

सूचना पर एसडीओ योगेन्द्र प्रसाद, पुलिस इंस्पेक्टर सत्येन्द्र प्रसाद पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्कूल के प्राचार्य से घटना की जानकारी ली। एसडीओ ने घटना की जांच का आदेश दे दिया है।

कार्यपालक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। टीम ने घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया।

स्कूल प्रबंधन को कह दिया गया है जब तक जांच पूरी नहीं होगी, मलवा को नहीं हटाया जाएगा। बिना अनुमति के मलवा नहीं हटेगा।

वहीं पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी, नप अध्यक्ष लतिका मुर्मू, नप सिटी प्रबंधक मुकेश निरंजन समेत सैकड़ों लोग स्कूल पहुंच गए।

मजदूर के आंखों के सामने गिरने लगा मकान

बताया जाता है कि छह दशक पूर्व स्कूल बना था। भवन के बरामदा व पीलर का प्लास्टर झाड़ कर टाइल्स लगाया जा रहा था। रूटीन में गुरुवार को भी दो मजदूरों ने कार्य शुरू कया। इसी दौरान सुबह 11:30 बजे के करीब भवन का आधा हिस्सा बरामदा सहित भरभराकर गिर गया।

मजदूर पलटू शेख मुर्शिदाबाद निवासी ने बताया कि भवन में के दीवार चिपिग का काम कर रहा था। अचानक बिल्डिग फटने लगा। तभी वहां से भागकर जान बचाया। दूसरा मजदूर वीरभूम जिला के रूद्रनगर निवासी साहा जमाल ने बताया कि बांस की कटिग कर स्पोट के लिए खूंटा लगा रहे थे। तभी भवन दरकने लगा। घटना के वक्त सिर्फ दो मजदूर काम कर रहे थे ।

स्कूल में कल हुई थी परीक्षा

स्कूल की वार्षिक परीक्षा 28 फरवरी को समाप्त हो गई थी। 1 मार्च से आइसीआइसीआइ की शुरू होने वाली परीक्षा के लिए विद्यालय बंद था। संयोग ही था कि गुरुवार को बोर्ड की परीक्षा नहीं थी। इस कारण बच्चे नहीं आए थे।

बता दें कि जिस भवन का हिस्सा ढह गया । उसमें 12 कमरे है। इसमें दस कमरे में दसवीं तक की कक्षा चल रही थी। अनुमान लगाया जा रहा है अगर स्कूल संचालन के समय यह हादसा होता तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता ।

----------

विद्यालय के पुराने भवन की छत गिरी है। भवन प्रमंडल के सक्षम तकनीकी पदाधिकारी से स्कूल के सभी पुराने भवन की जांच कराई जाएगी । जांच में पुराने भवन सुरक्षित मिले तभी कक्षा का संचालन होगा। फिलहाल पुराने भवन में कक्षा संचालन पर रोक लगा दी गई है।

योगेन्द्र प्रसाद, एसडीओ मधुपुर

-------

विद्यालय में सुंदरीकरण का काम चल रहा था। टाइल्स लगाया जा रहा था। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के हित में प्रबंधन कार्य करती आ रही है। प्रत्येक तीन माह में स्कूल का विकास व पढ़ाई की समीक्षा को लेकर अभिभावक के साथ बैठक होती है।

सिस्टर पुष्पा, प्राचार्य

------