विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

JSSC-CGL पेपर लीक का हब था बोकारो का दुग्दा, एक ही परिवार के तीन सदस्य गिरफ्तार

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:14 PM (IST)

JSSC-CGL Recruitment Scam: झारखंड में JSSC-CGL पेपर लीक घोटाले का मुख्य केंद्र बोकारो का दुगदा था, जहां अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर ...और पढ़ें

दुग्दा स्थित बीसीसीएल की जी-टाइप कॉलोनी का यही आवास, जहां अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए जाते थे। (फोटो जागरण)

दुग्दा स्थित बीसीसीएल की जी-टाइप कॉलोनी का यही आवास, जहां अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए जाते थे। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. दुगदा JSSC-CGL पेपर लीक घोटाले का मुख्य केंद्र।

  2. एक ही परिवार के तीन सदस्य सहित चार गिरफ्तार।

  3. सेवानिवृत्त BCCL कर्मी और उनके बेटे-दामाद शामिल।

महावीर महतो, दुगदा (बोकारो)। JSSC CGL Recruitment Scam: झारखंड में जेएसएससी-सीजीएल पेपर लीक घोटाले का हब बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड का दुग्दा था। यही पर अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र और उत्तर रटवाए गए थे। यह बात सामने आने के बाद स्थानीय लोग अचंभित हैं। 

झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 घोटाले की जांच के दौरान अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की ओर से अब तक पकड़े गए 39 आरोपितों में चार आरोपित दीपक कुमार, उमेश राय, रितेश कुमार और सुरेश राय दुग्दा स्थित बीसीसीएल कॉलोनी के निवासी हैं।

चारों पर रुपये लेकर 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर रटवाकर परीक्षा उत्तीर्ण कराने का आरोप है। स्थानीय लोग उन चारों आरोपितों की करतूतों से अनभिज्ञ थे। गिरफ्तारी के बाद जब उन्हें इसकी जानकारी मिली, तो वे हतप्रभ रह गए।

इस मामले में सबसे हाल में यानी बीते कल, 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किए गए 62 वर्षीय सुरेश राय बीसीसीएल के सेवानिवृत्त कर्मी हैं। उन्हें सीआईडी के विशेष जांच दल ने दुग्दा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एम-25/3 से गिरफ्तार किया। उनसे पहले उनके बेटे उमेश राय और दामाद दीपक कुमार को सीआईडी की टीम गिरफ्तार कर चुकी थी।

कोयलांचल डीआईजी के कार्यालय में पदस्थापित था उमेश

उमेश राय और दीपक कुमार ने सीजीएल के अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा के लीक प्रश्नपत्र के आधार पर प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। दोनों ने खुद भी सीजीएल की परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति पाई थी। उमेश राय कोयलांचल डीआईजी के बोकारो स्थित कार्यालय में पदस्थापित हुआ था।

सीआईडी की टीम ने सुरेश राय के बैंक खाते से 14 लाख रुपये और उनके बेटे उमेश राय के बैंक खाते से पांच लाख रुपये जब्त किए। ये रुपये 22 जनवरी, 2026 को दोनों के खातों में आए थे। सीआईडी की टीम को आशंका है कि प्रश्न-उत्तर रटवाने के एवज में ये रुपये सीजीएल के अभ्यर्थियों से प्राप्त किए गए थे।

सुरेश राय बीसीसीएल की प्रोजेक्ट नंबर-2 से दो वर्ष पहले ही सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने दुग्दा स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एम-25/3 पर न सिर्फ कब्जा बनाए रखा था, बल्कि अपने रुपये खर्च कर उस आवास को लग्जरी बना दिया था।

दीपक कुमार के पिता दुग्दा कोलवाशरी में थे कर्मी

सीजीएल पेपर लीक मामले में गिरफ्तार दीपक कुमार बीसीसीएल की दुग्दा कोलवाशरी कॉलोनी स्थित सी-टाइप क्वार्टर में रहता था। उसके पिता दुग्दा कोलवाशरी में कर्मी थे।

सेवानिवृत्त होने के बाद वे वर्तमान में धनबाद के नावाडीह में रह रहे हैं। दीपक को सीआईडी की टीम ने धनबाद के नावाडीह स्थित आवास से ही गिरफ्तार किया था।

वहीं, रितेश कुमार सिंह को सीआईडी की टीम ने बीते एक अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। वह बीसीसीएल के सेवानिवृत्त कर्मी योगेंद्र सिंह का पुत्र है। उसके पिता 10 वर्ष पूर्व ही सेवानिवृत्त हो गए थे।

इसके बावजूद रितेश ने दुग्दा स्थित बीसीसीएल की जी-टाइप कॉलोनी का आवास नहीं छोड़ा था। वह उसी आवास में रहने के साथ-साथ बिहार के भोजपुर स्थित अपने पैतृक आवास भी जाया करता था।

यह भी पढ़ें- JSSC-CGL पेपर लीक: मास्टरमाइंड के साले की गिरफ्तारी को CID की गिरिडीह में दबिश, घर पर चिपकाया इश्तेहार

यह भी पढ़ें- JSSC-CGL पेपर लीक में CID ने बोकारो से सुरेश राय को दबोचा, 35 अभ्यर्थियों को घर में रटवाए थे प्रश्न-उत्तर