JSSC-CGL पेपर लीक में CID ने बोकारो से सुरेश राय को दबोचा, 35 अभ्यर्थियों को घर में रटवाए थे प्रश्न-उत्तर
JSSC CGL Exam Scam: जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी ने बोकारो से सुरेश राय को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 39 हो गई है।

JSSC CGL Paper Leak Case में बोकारो से सुरेश राय गिरफ्तार। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
बोकारो से सुरेश राय गिरफ्तार, कुल 39 आरोपी।
घर पर 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए।
सुरेश राय के खाते में 14 लाख रुपये मिले।
राज्य ब्यूरो, रांची। JSSC CGL Exam Scam: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की झारखंड स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 में कथित पेपर लीक, अनियमितता मामले की जांच कर रही सीआइडी ने बोकारो के दुग्धा स्थित न्यू बीसीसीएल कालोनी के एम 25/3 क्वार्टर निवासी सुरेश राय को गिरफ्तार कर लिया है।
इसके साथ ही जेएसएससी सीजीएल कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या 39 हो गई है। सुरेश राय अप्राथमिकी अभियुक्त हैं। उसपर आरोप है कि उसने अपने घर में 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया था।
सीआइडी ने पूर्व में सुरेश राय के बेटे उमेश राय व दामाद दीपक कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बेटा व दामाद सफल अभ्यर्थी थे। अब सीआइडी ने सुरेश राय को भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सीआइडी को छानबीन में 22 जनवरी 2026 को सुरेश राय के खाते में 14 लाख व बेटा उमेश राय के खाते में पांच लाख रुपये आने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि उक्त राशि अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने के एवज में मिले थे।
दीपक कुमार व उमेश राय को सीआइडी ने दो अन्य सफल अभ्यर्थियों आनंद कुमार सिंह तथा विजय कुमार तिवारी के साथ 28 अगस्त को गिरफ्तार किया था। सीआइडी थाने में एक जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 01/2025 की जांच के क्रम में लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं।
रिमांड पूरी होने के बाद जेल भेजे गए दोनों एजेंट
सीआइडी ने तीन दिनों तक रिमांड पर पूछताछ के बाद दोनों एजेंट्स को फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें बिहार के पटना से गिरफ्तार राजन कुमार व बिहार के ही सारण के अवतार नगर थाना क्षेत्र के देवरिया से गिरफ्तार मनु कुमार सिंह शामिल है।
दोनों एजेंट्स पर अभ्यर्थियों को कोलकाता ले जाकर वहां प्रश्न व उत्तर रटवाने के आरोप हैं। सीआइडी ने रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में अभ्यर्थियों से वसूली और सिंडिकेट के साथियों के बारे में दोनों ही एजेंट्स से जानकारी ली है।
