विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand: बेरमो के युवक को काम दिलाने के बहाने बेंगलुरु में हत्या, परिजनों ने लगाया बहनोई पर आरोप

By Amamul HodaEdited By: Yashodhan Sharma
Published: Sat, 29 Jul 2023 01:48 AM (IST)

झारखंड के धनबाद जिले में बेरमो थाना क्षेत्र के कारो बस्ती में रहने वाले सुरेंद्र गंझू के 27 वर्षीय पुत्र ...और पढ़ें

बेरमो के युवक को काम दिलाने के बहाने बेंगलुरु में हत्या, परिजनों ने लगाया बहनोई पर आरोप
बेरमो के युवक को काम दिलाने के बहाने बेंगलुरु में हत्या, परिजनों ने लगाया बहनोई पर आरोप

HighLights

  1. मृतक विनोद की पत्नी सुनीता ने बहनोई कोलेश्वर पर हत्या का आरोप मढ़ा है।
  2. बहनोई कोलेश्वर के साथ बेंगलुरु गया था। 25 जुलाई को उसका शव सड़क पर लावारिस मिला।

संवाद सहयोगी, करगली/बेरमो: झारखंड के धनबाद जिले में बेरमो थाना क्षेत्र के कारो बस्ती में रहने वाले सुरेंद्र गंझू के 27 वर्षीय पुत्र विनोद गंझू की 25 जुलाई को बेंगलुरु में सड़क पर लाश मिली। उसे उसका बहनोई कोलेश्वर गंझू काम दिलाने के लिए वहां ले गया था।

मृतक विनोद की पत्नी सुनीता ने बहनोई कोलेश्वर पर हत्या का आरोप मढ़ा है। उसका शव शुक्रवार को बेंगलुरु से गांव कारो बस्ती लाया गया। शव पहुंचते ही पूरा परिवार बिलख उठा।

25 जुलाई को शव बरामद

पत्नी ने बताया कि विनोद रोजगार की तलाश में एक हफ्ते पहले 22 जुलाई को बहनोई कोलेश्वर के साथ बेंगलुरु गया था। 25 जुलाई को उसका शव सड़क पर लावारिस मिला।

वहां की पुलिस ने जेब में मिले फोन नंबर के आधार पर स्वजन से संपर्क कर घटना की सूचना दी। शव को पोस्टमॉ र्टम कराकर मोर्चरी में रखवाया।

घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए स्वजन ने बेरमो विधायक कुमार जयमंगल से शव वहां से मंगवाने का अनुरोध किया।

क्या है पूरा मामला?

विधायक ने शव को प्लेन से रांची मंगवाया और वहां से एंबुलेंस से गांव लाया गया। सुनीता का आरोप है कि कोलेश्वर पहले से बेंगलुरु में काम करता था।

वह किसी फैक्ट्री में नौकरी दिलाने की बात कहकर पति को ले गया था। 24 जुलाई को वहां पहुंचने के बाद कोलेश्वर ने अपने भाई के साथ मिलकर विनोद को पीटा था।

विनोद किसी तरह वहां से जान बचाकर भागा था। उसने फोन कर सारी जानकारी हमें दी थी। पत्नी के अनुसार- उसका कहना था कि वह भाग निकला है और कहां जा रहा है, पता नहीं।

बहनोई पर हत्या का आरोप

इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। 25 जुलाई को सड़क किनारे उसका शव पड़ा मिला। घटना के बाद से कोलेश्वर का भी फोन बंद है। उसके खिलाफ बेरमो थाने में केस कराएंगे।

विनोद के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पूर्व चेयरमैन राकेश सिंह, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष छेदी नोनिया, कारो पीओ सतेंद्र कुमार समेत कई लोगों ने दुखी परिवार को सांत्वना दी।