Jairam Mahato: डुमरी विधायक जयराम महतो पर मारपीट और लूटपाट का आरोप, CCL कर्मी ने दर्ज कराई शिकायत
बेरमो में सीसीएल कर्मी कैलाश महतो ने डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो और उनके समर्थकों पर मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया है। कैलाश के अनुसार गुंजरडीह मोड़ के पास हुई इस घटना में वह और उनके साथी घायल हो गए और उनकी सोने की चेन व अंगूठी छीन ली गई। नावाडीह पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। विधायक के समर्थकों ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया है।

जेएनएन, बेरमो (बोकारो)। बेरमो प्रखंड के बैदकारो निवासी और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) कर्मी कैलाश महतो ने डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, उनके अंगरक्षक अशोक महतो और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के अन्य समर्थकों पर मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट का गंभीर आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं, और कैलाश महतो के गले से सोने की चेन और अंगूठी छीनने का भी आरोप है। यह घटना बुधवार 9 जुलाई की रात गुंजरडीह मोड़ के पास हुई।
क्या है पूरा मामला?
कैलाश महतो ने नावाडीह थाने में दिए लिखित आवेदन में बताया कि वह बुधवार रात अपने साथियों लोचन महतो, आशीष तपेदार, अर्जुन महतो, संजय महतो, विक्की महतो और कमलेश महतो के साथ निजी वाहन (जेएच10सीजे-0051) से गुंजरडीह से अपने घर बैदकारो लौट रहे थे।
गुंजरडीह मोड़ के पास उनका वाहन तकनीकी खराबी के कारण रुक गया। इसी दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे।
कैलाश के अनुसार, विधायक के अंगरक्षक अशोक महतो ने वाहन को सड़क से हटाने को कहा। जब कैलाश ने बताया कि वाहन खराब हो गया है, तो अशोक महतो ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।
कैलाश का यह भी दावा
विरोध करने पर अशोक महतो और जेएलकेएम समर्थकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विधायक जयराम महतो ने भी वाहन से उतरकर बेल्ट से हमला किया, जिससे कैलाश महतो, लोचन महतो और अर्जुन महतो घायल हो गए।
कैलाश ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने बताया कि वह बेरमो प्रमुख गिरजा देवी के देवर हैं, तो जेएलकेएम समर्थकों ने प्रमुख के खिलाफ भी अपमानजनक टिप्पणी की और मारपीट जारी रखी। इस दौरान उनकी सोने की चेन और अंगूठी छीन ली गई।
महतो समर्थकों ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया
शिकायत मिलते ही नावाडीह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नावाडीह में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद देर रात तीनों को छुट्टी दे दी। समाचार लिखे जाने तक नावाडीह थाने में इस मामले में औपचारिक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं हुई थी।
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं ने इस कथित घटना की निंदा की है।
कुछ एक्स पोस्ट्स में जयराम महतो के समर्थकों ने इसे मनगढ़ंत आरोप करार देते हुए उनके खिलाफ साजिश की बात कही है, जबकि अन्य ने इस घटना को गंभीर बताकर कार्रवाई की मांग की है।
जागरण संवाददाता ने जयराम महतो और उनके अंगरक्षक अशोक महतो से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया।
आज जयराम महतो और जेएलकेएम को भी जानें
जयराम कुमार महतो झारखंड के डुमरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष हैं। वे कुर्मी समुदाय के प्रभावशाली नेता हैं और झारखंड में स्थानीयता, खतियान आधारित नीति, और आदिवासी अधिकारों की वकालत करते हैं।
2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने डुमरी सीट से जीत हासिल की, जबकि बेरमो सीट पर दूसरे स्थान पर रहे। उनकी पार्टी, जेएलकेएम, झारखंड में एक उभरते हुए राजनीतिक विकल्प के रूप में देखी जाती है, खासकर कुर्मी बहुल क्षेत्रों में।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है, जिसकी स्थापना जयराम महतो ने की। यह पार्टी झारखंड में स्थानीय लोगों के अधिकारों, खतियान आधारित नियोजन नीति, और आदिवासी हितों पर जोर देती है।
2024 के विधानसभा चुनाव में जेएलकेएम ने 71 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, हालांकि केवल जयराम महतो ही डुमरी से जीत पाए। पार्टी का प्रभाव सिली, रामगढ़, मांडू, गोमिया, डुमरी, और ईचागढ़ जैसे कुर्मी बहुल क्षेत्रों में मजबूत है।
चर्चा में बने रहते हैं जयराम
सोशल मीडिया विवाद: जुलाई 2025 में रांची की एक महिला, सुषमा बड़ाइक, ने जयराम महतो और जेएलकेएम से जुड़े एक यूट्यूब चैनल पर उनके खिलाफ अभद्र और अश्लील टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इस मामले में अरगोड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सीसीएल क्वार्टर विवाद: दिसंबर 2024 में बेरमो के ढोरी कोल क्षेत्र में सीसीएल क्वार्टर पर अवैध कब्जे और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जयराम महतो और उनके समर्थकों के खिलाफ चंद्रपुरा थाने में केस दर्ज हुआ था।
सामाजिक कार्य: विवादों के बावजूद, जयराम महतो सामाजिक कार्यों के लिए भी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने अपनी विधायक सैलरी का 75% हिस्सा डुमरी के मेधावी छात्रों को लैपटॉप और टैब वितरण के लिए दान किया और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पेंशन देने की योजना की घोषणा की।
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