बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान पर गरमाई सियासत, झारखंड के नेता प्रतिपक्ष ने ममता बनर्जी से की माफी की मांग
बाबूलाल मरांडी ने ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने और संवैधानिक पद का अपमान करने का आरोप ...और पढ़ें
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बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी। फाइल फोटो

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, बोकारो। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबू लाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सिलीगुड़ी के पास आयोजित अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में देश की राष्ट्रपति के साथ प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है।
उन्होंने कहा कि जब देश की राष्ट्रपति कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचीं तो राज्य सरकार की ओर से न तो मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और न ही किसी मंत्री अथवा राज्य के मुख्य सचिव को वहां भेजा गया। यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।
ममता से माफी की मांग
मरांडी ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासी महिला राष्ट्रपति का इस प्रकार अनादर किया जाना और भी अधिक दुखद है। इसके लिए मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
मरांडी ने कहा कि यह राष्ट्रपति का तो अपमान हैं ही संताल आदिवासियों का भी अपमान है। बोकारो स्थित अपने बोकारो निवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मरांडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में संवैधानिक संस्थाओं का लगातार अपमान किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री फाइल छीनने तक का प्रयास करती हैं और कई मामलों में जांच एजेंसियों के काम में बाधा डाली जाती है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ भी सार्वजनिक मंचों से टिप्पणी की जा रही है, जबकि कुछ राजनीतिक दल हाथ में संविधान की प्रति लेकर भाजपा पर आरोप लगाते हैं।
लोकतंत्र कमजोर करने का षड्यंत्र
मरांडी ने कहा कि ऐसे दलों को पहले अपने आचरण पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ दल देश को अराजकता की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
मरांडी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जनाधार तेजी से खिसक रहा है और राज्य की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। इसी कारण मुख्यमंत्री बौखलाई हुई हैं और आगामी चुनाव के बाद वह दोबारा सत्ता में नहीं आएंगी।
हेमंत सरकार पर बोला हमला
झारखंड की राजनीति पर बोलते हुए मरांडी ने कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव अब दलगत आधार पर नहीं कराए गए, जबकि भाजपा सरकार के समय यह व्यवस्था थी। इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में चुनाव जीतकर अपनी ताकत दिखाई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक खुला संगठन है और अन्य दलों के लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में विकास की गति थम गई है। राज्य जिस तेजी से आगे बढ़ रहा था, उसी तेजी से अब नीचे जा रहा है।
SIR पर दिया बयान
मरांडी ने कहा कि राज्य में अप्रैल माह से विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मृत मतदाताओं, दूसरे राज्यों में जा चुके लोगों और अवैध रूप से मतदाता बने लोगों के नाम सूची से हटाए जाएंगे।
जो लोग राज्य में अवैध रुप से मतदाता बने हैं, उन्हें भी चिन्हित किया जाएगा। उनका भी नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। मौके पर जिलाध्यक्ष जयदेव राय, संजय त्यागी, माथुर मंडल, रामलाल सोरेन, रघुनाथ टुडू आदि उपस्थित थे।
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