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SNMMCH में 22 साल बाद खत्म होगा 'वनवास', अस्पताल को इसी महीने मिलेगी MRI और सिटी स्कैन मशीनें

Published: Sun, 08 Mar 2026 03:04 PM (GMT+05:30)

धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) को इस महीने एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनें मिलेंगी। 22 ...और पढ़ें

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल

HighLights

  1. SNMMCH को इस महीने मिलेंगी MRI और CT स्कैन मशीनें।

  2. 22 साल बाद अस्पताल में शुरू होगी यह महत्वपूर्ण सेवा।

  3. मरीजों को बाहर महंगे जांच कराने से मिलेगी राहत।

जागरण संवाददाता, धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मरीजों को अब एमआरआई और सीटी स्कैन की सेवा मिल पाएगी। मुख्यालय रांची के स्तर से मशीनों के खरीद की प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने मशीन मेडिकल कॉलेज को मिल जाएगा। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन में इसके लिए भवन भी चिन्हित कर लिया है। 

मशीन आने के बाद यहां मरीजों को जल्द सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। अभी एमआरआई और सीटी स्कैन जांच के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है। एमआई के लिए जहां 7 हजार से 10000 खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, सीटी स्कैन के लिए 1500 से ढाई हजार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। ऐसे मरीजों को यहां सहूलियत होगी।

सीटी स्कैन घोटाले के 22 वर्षों के बाद फिर से शुरू होगी सेवा 

वर्ष 2004 में मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन घोटाले के बाद प्रबंधन की किरकिरी हुई थी। अभी तक एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम मामले की जांच कर रही है। 1.63 करोड रुपए की सीटी स्कैन लगने के मात्र 2 महीने बाद ही खराब हो गए थे। कई अधिकारियों के खिलाफ इस पर कार्रवाई चल रही है। 

लेकिन धनबाद के लोगों के लिए दुर्भाग्य रहा कि इसके बाद सरकार और विभाग की ओर से कोई भी बड़ी मशीन मेडिकल कॉलेज को नहीं मिल पाया था,  अब लगभग 22 वर्ष के बाद एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन मिल रहे हैं।

अभी पीपीपी मोड पर निर्भरता 

मेडिकल कॉलेज में अभी पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन की सेवा मिलती है। लेकिन यहां आए दिन मशीन के खराब होने, सेवा बंद करने का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज का अपना रेडियोलॉजी विभाग विकसित होने से दूर दराज से आने वाले मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी। 

मुख्यालय के स्तर से मशीन जल्द मिलेंगे। यहां आने वाले गरीब मरीजों को इससे काफी सुविधा मिल पाएगी। रेडियोलॉजी विभाग भी विकसित किया जा रहा है।- डॉ डीके गिंदौरिया, अधीक्षक, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल।