बारिश और घने बादलों के बीच भव्य रोशनी से जगमगाया मां वैष्णो देवी का दरबार, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी भवन पर खराब मौसम के बावजूद भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, दोपहर ...और पढ़ें
HighLights
खराब मौसम में भी वैष्णो देवी में भक्तों का सैलाब
दोपहर तक 35 हजार श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
भवन पर दर्शनों के लिए डेढ़ किलोमीटर लंबी कतारें
राकेश शर्मा, कटड़ा। पवित्र शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मां के दिव्य दर्शनों की अभिलाषा लेकर देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं का जनसैलाब भवन पर उमड़ पड़ा।
बीती रात से जारी खराब मौसम और रुक-रुककर हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। मां के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु परिवारों और मित्रों के साथ निरंतर भवन की ओर बढ़ते रहे।
यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार दोपहर दो बजे तक लगभग 35 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर मां के दरबार की ओर रवाना हो चुके थे।
नवरात्र के आगाज के साथ ही आधार शिविर कटड़ा से लेकर मां वैष्णो देवी भवन तक धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंच गया। कटड़ा के पंजीकरण केंद्रों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। पंजीकरण करवाने के बाद श्रद्धालुओं ने जय माता दी के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह मां के भजन गूंजते रहे और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
भवन पर दर्शनों के लिए डेढ़ किलोमीटर तक कतारें |
मां वैष्णो देवी भवन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण दिव्य दर्शनों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भवन परिसर में करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
मां के दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे श्रद्धालु भजन गाते और जयकारे लगाते नजर आए। भवन पर लगातार उद्घोषणा के माध्यम से उन श्रद्धालुओं से आगे बढ़ने और आधार शिविर कटड़ा की ओर प्रस्थान करने की अपील की जाती रही, जो मां के दर्शन कर चुके थे, ताकि अन्य श्रद्धालुओं को भी सुचारु रूप से दर्शन करने का अवसर मिल सके।
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बहुत सुंदर सजा है मां का दरबार
पवित्र नवरात्र के अवसर पर मां वैष्णो देवी भवन और यात्रा मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। जगह-जगह बनाए गए विशाल स्वागत द्वार, रंग-बिरंगी सजावट और भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
भवन परिसर में मां भगवती के दिव्य स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। कई श्रद्धालु इन यादगार पलों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते दिखाई दिए। यात्रा मार्ग पर गूंजते भजनों और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। श्रद्धालुओं के मुख से यही स्वर सुनाई दे रहा है—'बड़ा प्यारा सजा है दरबार भवानी, भक्तों की लगी है कतार भवानी।'
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, चप्पे-चप्पे पर निगरानी
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन, श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क रहे। कटड़ा से लेकर भवन तक सभी प्रमुख यात्रा मार्गों, संवेदनशील स्थलों और भवन परिसर में पुलिस तथा सुरक्षा बलों के जवान तैनात रहे।
अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा लेते रहे, ताकि भीड़ का प्रबंधन सुचारु बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
खराब मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी, पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां भी सक्रिय रहीं। श्रद्धालुओं की सहायता करने के साथ ही यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई।
भवन के अतिरिक्त आधार शिविर कटड़ा के पास स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से भी यात्रा गतिविधियों पर नजर रखी गई।
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हेलीकाप्टर सेवा प्रभावित, अन्य सुविधाएं जारी
लगातार खराब मौसम और बारिश के कारण कटड़ा से संचालित हेलीकाप्टर सेवा स्थगित रही। हालांकि, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अन्य उपलब्ध सेवाएं जारी रहीं। इनमें बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं शामिल रहीं। मां के दर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रोपवे सहित उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल कर भैरव घाटी पहुंचे और बाबा भैरवनाथ के चरणों में शीश नवाकर अपनी यात्रा पूरी करते नजर आए।
यात्रा पूरी करने के बाद आधार शिविर कटड़ा लौट रहे श्रद्धालुओं के कारण बाजारों में भी रौनक बनी रही। श्रद्धालु प्रसाद और माता की चुनरी सहित अन्य धार्मिक सामग्री की खरीदारी करते नजर आए। दुकानों पर बढ़ी चहल-पहल से कटड़ा में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर आस्था की अटूट शक्ति का परिचय दिया। खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार रहा। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भीड़ प्रबंधन तथा सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय रहीं, ताकि मां के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और परेशानी मुक्त बनी रहे।
