शिवलिंग पर प्रसाद चढ़ाने से पहले छीन लेते हैं बंदर
जुगल मंगोत्रा पौनी आधार शिविर रनसू शिवखोड़ी में श्रद्धालुओं द्वारा पूजा के लिए ली हुई साम

जुगल मंगोत्रा, पौनी :
आधार शिविर रनसू शिवखोड़ी में श्रद्धालुओं द्वारा पूजा के लिए ली हुई सामग्री बंदर छीन रहे हैं। श्रद्धालु भोले नाथ के दर्शन करने से पहले पूजा की सामग्री चढ़ाते हैं, लेकिन बंदरों द्वारा पूजा का सामान छीन लेने के बाद कई बार श्रद्धालुओं को दोबारा पैसे खर्च कर पूजा का सामान खरीदना पड़ता है।
रनसू से लेकर गुफा तक तीन किमी यात्रा मार्ग पर बंदर आने-जाने वाले हरेक श्रद्धालु पर नजर रखते हैं। श्रद्धालुओं के हाथों में बैग देखते ही झपट कर प्रसाद छीन लेते हैं। गत दिनों भोले बाबा के दर्शन कर लौट रहे एक परिवार के सदस्यों से बंदरों ने पूजा की सामग्री और प्रसाद का बैग छीन लिया। प्रसाद को बचाने के दौरान दो श्रद्धालुओं को बंदरों ने हमला कर काट भी लिया। घायल श्रद्धालुओं की पहचान सुमित शर्मा और उनकी पत्नी पूजा शर्मा दोनों निवासी उतर प्रदेश के रूप में बताई गई।
श्रद्धालुओं ने बताया कि वे अपने परिवार सहित दर्शन करने के लिए नई गुफा के अंदर जा रहे थे, तभी बंदर ने हमला कर उनसे पूजा का सारा सामान छीन लिया। इसके अलावा रनसू से आगे एक किमी पुल पर बंदरों ने बच्चों के हाथ से प्रसाद के बैग छीनने की कोशिश की। जब बंदर उनकी और दौड़ा तो उन्होंने प्रसाद की डिब्बी जेब में डाल ली, लेकिन बंदर ने फिर भी उन पर हमला कर दिया। इसके अलावा अन्य श्रद्धालुओं ने भी बंदरों द्वारा प्रसाद छीनने को लेकर बंदरों के काटने के बारे में बताया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की समस्या पिछले सात वर्षों से चली आ रही है, लेकिन प्रशासन की तरफ से बंदरों के आतंक को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। कीमती सामान भी छीने लेते हैं बंदर
भोले बाबा के दर्शन करने के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं से पूजा की सामग्री व प्रसाद के साथ-साथ बंदर कीमती सामान भी छीन लेते हैं। बंदर खाने की वस्तुएं होने की आंशका से झपटमारी करते हैं। बंदर कई बार श्रद्धालुओं के हाथ से बैग छीन लेते हैं, जिनमें मोबाइल फोन, पैसे और सोने के आभूषण पड़े होते हैं। बंदरों द्वारा सामान छीनने के बाद श्रद्धालु काफी परेशान होते हैं, लेकिन बंदर बैग को लेकर दूर पहाड़ी पर चले जाते हैं। बाद में खाने का सामान बैग से निकालकर बैग छोड़ देते हैं, लेकिन इसमें कई बार श्रद्धालुओं को नुकसान भी झेलना पड़ता है। बंदरों के आतंक को रोकने के लिए वाइल्ड लाइफ विभाग को कई बार लिखा गया है। जब तक कोई कार्रवाई नहीं होती है तब तक फिलहाल श्रद्धालु ही अपने सामना का पूरा ध्यान रखें।
- अशोक कुमार, प्रबंधक शिवखोड़ी श्राइन बोर्ड रनसू
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