अमरनाथ यात्रा से पहले कई जगहों पर मॉक ड्रिल, नकली चुनौतियां क्रिएट कर सुरक्षाबलों ने मार गिराया आतंकी
ऊधमपुर में श्री अमरनाथ यात्रा 2025 की तैयारियों को लेकर सुरक्षा बलों ने मॉक ड्रिल की। इस अभ्यास में आतंकी हमले और भूस्खलन जैसी स्थितियों से निपटने का अभ्यास किया गया। एसडीआरएफ ने बचाव कार्य किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।

जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। श्री अमरनाथ यात्रा 2025 के सफल और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाबल पिछले कई दिनों लगातार अपने कौशल और प्रतिक्रिया प्रणाली की असल परीक्षा से गुजर रहे हैं। रविवार को भी सुरक्षाबलों ने मॉक ड्रिल के लिए रची गई नकली चुनौतियों के जरिए यात्रा सुरक्षा का असली इम्तिहान दिया।
इसमें सुरक्षाबलों से लेकर आपदा प्रबंधन दलों ने आतंकवादी हमले से लेकर प्राकृतिक आपदा जैसे हालात तक विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित रिहर्सल कर सबित किया कि वे हर संकट से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं। रविवार को ऊधमपुर पुलिस की अगुवाई में एक व्यापक मॉक ड्रिल करवाई गई। इसमें सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, सेना और एसडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियों ने भी हिस्सा लिया।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न लोकेशनों पर की गई मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल में एनएच-44 पर लंगर स्थल पर भूस्खलन से लेकर लंगर पर आतंकवादी हमला, और यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अभियान जैसे वास्तविक आपदा परिदृश्यों को दर्शाया गया। मॉक ड्रिल की शुरुआत एक काल्पनिक लंगर स्थल पर हुए आतंकी हमले की सूचना से हुई। जवाब में सुरक्षाबलों ने न केवल हमले को विफल किया, बल्कि आतंकियों को भी मौके पर ही ढेर कर दिया।
इसके बाद एक और चुनौती सामने आई। इसमें लंगर स्थल पर भूस्खलन को दर्शाया गया। इस आपदा में एसडीआरएफ की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर घायलों को बचाने का प्रदर्शन करने सेलेकर प्राथमिक चिकित्सा देकर अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया।
इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर विभिन्न जगहों पर पुलिस द्वारा नियमित नाकों से लेकर औचक नाके लगा कर वाहनों की जांच करने से लेकर सभी नाकों पर विशेष ब्रीफिंग सेशन करवाए गए, जिनमें सुरक्षा कर्मियों को यात्रा के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) से अवगत करा कर हर हाल में इसे सुनिश्चित करने तथा चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मॉक ड्रिल के अलावा अन्य तरह से विशेष बलों के साथ समन्वय को भी परखा गया।
वहीं, बाड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन पर भी मॉक ड्रिल हुई, जिसमें जीआरपीएफ सहित सेना, आरपीएफ, 157 टीए, पुलिस और आईटीबीपी के करीब 99 जवानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने बाड़ी ब्राह्मणा रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म, ओवर ब्रिज, रेलवे ट्रैक, क्वार्टर में तलाशी ली गई।
लगभग दो घंटे तक चली मॉक ड्रिल में खोजी कुत्ते की सहायता भी ली गई। मॉक ड्रिल का आयोजन एसडीपीओ रेलवे जम्मू की देखरेख में रविवार शाम 5:45 बजे से 6 बजे तक हुआ।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।