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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

किश्तवाड़ में हमले के बाद फरार आतंकियों का दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग, चप्पा-चप्पा खंगाल चुके जवान

Published: Sat, 14 Sep 2024 09:45 PM (IST)

Kishtwar Terror Attack बीते शुक्रवार आतंकी हमले में चार जवान घायल हो गए जिसके बाद दो जवान बलिदान हो गए। ...और पढ़ें

किश्तवाड़ में हमले के बाद फरार आतंकियों का दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग
किश्तवाड़ में हमले के बाद फरार आतंकियों का दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग

HighLights

  1. किश्तवाड़ में हमले के बाद फरार आतंकियों का दूसरे दिन भी नहीं मिला सुराग
  2. सुरक्षाबलों के जवानों ने दिनभर चलाया तलाशी अभियान, चप्पे-चप्पे को खंगाला
  3. हमले में बलिदान नायब सूबेदार व सिपाही का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेजा गया

संवाद सहयोगी, किश्तवाड़। किश्तवाड़ जिले के छात्रु इलाके में शुक्रवार को तलाशी अभियान के दौरान सेना के जवानों पर हमला कर भूमिगत हुए आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने शनिवार को भी अभियान चलाया।

जवानों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर चप्पे-चप्पे को खंगाला, लेकिन देर शाम तक आतंकियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस हमले में नायब सूबेदार सहित दो बलिदान और दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।

दोनों घायल जवानों का इलाज ऊधमपुर कमांड अस्पताल में चल रहा है। इस हमले में बलिदान हुए नायब सूबेदार और सिपाही का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेज दिया गया।

शुक्रवार रात से लेकर शनिवार दिन भर सुरक्षाबलों ने छात्रु इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। ऐसा लग रहा है कि आतंकियों ने पहले अपने लिए छिपने का ठिकाना बना लिया था और उसके बाद सेना के जवानों पर हमला किया।

डोडा में कैप्टन सहित चार जवान हुए थे बलिदान

सूत्रों के अनुसार यह वहीं आतंकी हैं, जिन्होंने डोडा के देसा इलाके में हमला किया था। इस हमले एक कैप्टन सहित चार जवान बलिदान हो गए थे। उस हमले के बाद आतंकी भूमिगत हो गए थे।

इन आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबल के जवान पिछले दो महीने से जगह-जगह तलाशी अभियान चलाते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि कुछ दिनों से छात्रु के ऊपरी पहाड़ों पर कुछ आतंकी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी।

इसके चलते नेद गांव के ऊपरी जंगलों में सेना ने तलाशी अभियान चलाया था और शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भी था।

सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए डोडा तथा आसपास के सभी पहाड़ों पर सेना ने तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान तलाशी के लिए सेना के जवान पहाड़ों के ऊपरी हिस्से पर चढ़े तो घात लगाकर बैठे आतंकियों ने उनपर हमला कर दिया।

शनिवार को दिनभर तलाशी अभियान चलता रहा, लेकिन इस बारे में ना स्थानीय पुलिस और ना ही सेना का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयारी है।

मुठभेड़ स्थल से छह किलोमीटर पहले तैनात जवानों का कहना था हमें अधिकारियों का आदेश है कि मीडिया कर्मियों को यहां से आगे नहीं जाने दिया जाए। इस पूरे अभियान को गुप्त रखा जा रहा है।

दूसरे दिन भी चला सर्च अभियान लेकिन आतंकवादियों का कहा कोई नामो निशान नहीं, शुक्रवार को किश्तवाड़ जिले के शात्रु इलके में सर्च ऑपरेशन चला रहे सेना के जवानों पर आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया।

जिसमें दो जवान बलिदान हो गए और दो गंभीर रूप से घायल हो गए घायलों का इलाज उधमपुर कमांड हॉस्पिटल में चल रहा है और बलिदान हुए नाएव सूबेदार और सिपाही का पार्थिक शरीर उनके पैयरिक गांव भेज दिया गया।

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