नहीं थम रहा सैलाब का कहर... जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से पूरा परिवार दफन, मां-बाप सहित पांच बच्चों के शव बरामद
जम्मू संभाग में बारिश बाढ़ और भूस्खलन से तबाही जारी है। रामबन और रियासी में भूस्खलन और बादल फटने से एक ही परिवार के सात सदस्यों सहित 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास खूनी नाला के निकट भूस्खलन से 30 घरों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया।

जागरण टीम, उधमपुर। पहले किश्तवाड़ का चशोती, फिर माता वैष्णो देवी का यात्रा मार्ग और अब रामबन और रियासी में भारी भूस्खलन व बादल फटने से तबाही का सिलसिला जारी है। इन दोनों जिलों में एक ही परिवार के सात सदस्यों सहित 11 लोगों की मौत हो गई और एक महिला लापता है।
मृतकों में पांच बच्चे हैं और सभी की उम्र 13 वर्ष से कम है। इस बीच, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास रामबन जिला में ही खूनी नाला के निकट पहाड़ी पर भारी भूस्खलन होने से बिस्लरी नाला में लगभग 80 प्रतिशत पानी का बहाव थम गया। इससे कुछ दूरी पर स्थित 30 घरों के लिए खतरा उत्पन्न होने पर यहां रहने वाले 85 लोगों को समय पर सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया।
वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को लेकर कहा कि रामबन के रामजगढ़ में जीवन की हानि दुखद है। प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जम्मू समेत विभिन्न जगहों पर वर्षा का सिलसिला शनिवार को जारी रहा। इससे नदी-नालों का जलस्तर फिर बढ़ गया है।
अभी मौसम विभाग ने छह सितंबर तक इसी तरह वर्षा, बाढ़, भूस्खलन की आशंका जताई है। जम्मू संभाग में प्रकृति का प्रकोप जारी है। रियासी जिले के माहौर में शुक्रवार रात को तेज वर्षा हो रही थी। इसी दौरान एक कच्चे मकान में दंपति अपने पांच बेटों के साथ सो रहे थे।
तभी अचानक पहाड़ से भूस्खलन हुआ और नजीर अहमद का पूरा मकान मलबे में दब गया। स्थानीय पूर्व सरपंच हनीफा अख्तर ने बताया कि तेज बारिश की वजह से रात को हर कोई अपने घर पर ही था।
शनिवार को मिले इन लोगों के शव
शनिवार सुबह सभी के शव निकाले गए। भूस्खलन में परिवार के सातों लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी में नजीर अहमद (38), उसकी पत्नी बजीरा बेगम (35) और बेटे बिलाल अहमद (13), मुस्तफा (11), आदिल (8) मुबारक (6) और वसीम ( 5) की मौत से पूरे क्षेत्र में माहौल गमगीन है।
वहीं रामबन की तहसील राजगढ़ में शुक्रवार देर रात बादल फटने से अचानक आए सैलाब की चपेट में पांच लोग बह गए। इस आपदा से इलाके में कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
घटनास्थल गड़ग्रां दूरस्थ होने व वहां तक पहुंचने का रास्ता काफी दुर्गम और पैदल होने के कारण तड़के सुरक्षा बल, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ, क्यूआरटी टीमें पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। चार शव बरामद कर लिए गए। लापता एक महिला की तलाश जारी है।
आज सुबह हाईवे खोलने का लिया जाएगा निर्णय
भारी वर्षा व भूस्खलन से बंद हुए जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर शनिवार को पांचवें दिन पुलिस ने बारी-बारी से जरूरी वाहनों को ऊधमपुर से कश्मीर और रामबन से जम्मू की तरफ रवाना किया। शाम करीब छह बजे मरम्मत कार्य के लिए राजमार्ग को फिर बंद कर दिया गया।
मरम्मत का कार्य रविवार सुबह छह बजे तक चलेगा और फिर हालात देखकर वाहनों को चलने की अनुमति दी जाएगी।
इस माह बादल फटने व भूस्खलन की बड़ी घटनाएं
- 14 अगस्त : किश्तवाड़ के चशैती में मचैल यात्रा मार्ग पर बादल फटने से 70 की मौत, 65 लापता
- 24 अगस्त : भारी वर्षा व बाढ़ से जम्मू में कई पुल व सड़कें क्षतिग्रस्त, घरों में घुसा पानी, भारी तबाही
- 26 अगस्त : माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से 34 श्रद्धालुओं की मौत व 22 घायल
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