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    आतंकी फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी, दिल्ली से गिरफ्तार हुआ आतंकवादी परवेज खान; विदेश भागने की थी प्लानिंग

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 11:13 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकी फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। सीआईके (काउंटर इंटेलीजेंस कश्मीर) विंग ने घाटी में लश्कर टीआरएफ और हिज्ब समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क की एक अहम कड़ी परवेज अहमद खान उर्फ पीके को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पीके विदेश भागने की फिराक में था। उससे पूछताछ जारी है और उसके अन्य साथियों की भी जल्द गिरफ्तारी की संभावना है।

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    विदेश भागने की फिराक में था पीके, आतंकी फंडिंग में था शामिल। सांकेतिक फोटो

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईके (काउंटर इंटेलीजेंस कश्मीर) विंग ने घाटी में लश्कर, टीआरएफ और हिज्ब समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क की एक अहम कड़ी परवेज अहमद खान उर्फ पीके उर्फ शेख तजामुल इस्लाम उर्फ खालिद को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पीके विदेश भागने की फिराक में था। फिलहाल, उससे पूछताछ जारी है और उसके अन्य साथियों की भी जल्द गिरफ्तारी की संभावना है।

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    पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि कश्मीर में आतंकी फंडिंग के मामले में सीआईके ने गत वर्ष जनवरी में एक एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। सीआईके को अपने तंत्र से पता चला था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के सरगनाओं ने जम्मू कश्मीर में आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों के लिए पैसा उपलब्ध कराने का एक नया नेटवर्क तैयार किया है।

    इस नेटवर्क में शामिल तत्व दुबई, ओमान, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और कई अन्य यूरोपीय मुल्कों से कश्मीर में विभिन्न माध्यमों से पैसा पहुंचाते हैं। इसके अलावा इस नेटवर्क के लोग कश्मीर में सक्रिय आतंकियों के लिए पैसे के साथ-साथ अन्य साजो सामान भी जुटाते हैं। मामले की जांच के दौरान सीआईके को परवेज अहमद खान उर्फ पीके उर्फ शेख तजामुल इस्लाम और खालिद के बारे में पता चला।

    पूछताछ के लिए तलब किया तो अचानक गायब हो गया

    प्रवक्ता ने बताया कि शुरू के चंद महीनों के दौरान सीआईके का जांच दल परवेज उर्फ पीके को चिह्नित नहीं कर पा रहा था, क्योंकि वह कोड नाम से ऑपरेट करता था और कश्मीर में सक्रिय आतंकी फंडिंग नेटवर्क के अन्य लोगों के साथ बहुत कम सीधा संपर्क करता था।

    सीआईके ने उसके खिलाफ सभी तकनीकी व अन्य सबूत जमा किए और उसे चिह्नित कर लिया। उसे पूछताछ के लिए भी तलब किया गया और फिर वह अचानक ही गायब हो गया। उसे आभास हो गया था कि वह अब सीआइके की नजरों में आ चुका है और किसी भी समय पकड़ा जा सकता है।

    पीके को पकड़ने के लिए बुना जाल

    श्रीनगर में फारुक कालोनी बेमिना का रहने वाले परवेज अहमद उर्फ पीके अचानक श्रीनगर से गायब हो गया। उसने अपने परिजनों से भी फोन पर संपर्क काट दिया। सीआईके ने उसके खिलाफ स्थानीय अदालत से एक वारंट भी जारी कराया और उसे पकड़ने के लिए उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों व दोस्तों की निगरानी शुरू कर दी।

    इसके साथ ही उसके व उसके करीबियों के इंटरनेट मीडिया पर एकाउंट की भी निगरानी रखी जाने लगी। इस दौरान सीआईके को पता चला कि वह दिल्ली में कहीं छिपा हुआ है और अब वहां से किसी भी समय विदेश निकलने के लिए उचित अवसर की तलाश में है।

    सीआईके ने दिल्ल पुलिस को सूचित किया और उसे पकड़ने के लिए एक जाल बुना। सीआईके का एक दल गत दिनों दिल्ली पहुंचा और उसने दिल्ली पुलिस की मदद से उस जगह को चिह्नित किया, जहां परवेज अहमद खान उर्फ पीके रह रहा था। इसके बाद पीके को पकड़ लिया।

    दिल्ली की अदालत में उसे पेश कर उसका ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है और से श्रीनगर लाया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि अगर उसे पकड़ने में कुछ और देरी हो जाती तो वह अपना ठिकाना छोड़ विदेश भाग निकला होता।

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