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    श्रीनगर में आसमान छू रहे खाद्य वस्तुओं के दाम, राजमार्ग बंद होने का जमकर फायदा उठा रहे मुनाफाखोर

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 05:17 PM (IST)

    श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के बाधित होने से घाटी में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ गई हैं। चिकन 125 रुपये से बढ़कर 180 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। लोगों का आरोप है कि आपूर्तिकर्ता राजमार्ग बंद होने का फायदा उठा रहे हैं और विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यह बाजार द्वारा संचालित उछाल है।

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    श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के बंद होने के कारण खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ गए हैं (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता,श्रीनगर। मौसम की खलनायकी के चलते श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग के लगातार बाधित होने से घाटी में खाद्य वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगी है।

    बाजारों में यह खादय वस्तुएं दुगने दामों मिलने लगी हैं। आसमान छू रही खाद्य वस्तुओं की इन कीमतों ने छोटे दुकानदारों और आम लोगों को परेशान कर दिया है।

    बाजारों में पहले जो चिकन 125 रुपये प्रति किलो बिकता था, अब थोक विक्रेताओं के काउंटरों पर 160-180 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जा रहा है, जो कीमतों में आई तेज़ और अनुचित उछाल को दर्शाता है।

    निवासियों और बाज़ार पर्यवेक्षकों का कहना है कि कीमतों में यह उछाल बाज़ार में कोई स्वाभाविक गिरावट नहीं है, बल्कि आपूर्तिकर्ताओं द्वारा खुला शोषण है जो जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने का फ़ायदा उठा रहे हैं।

    उनका आरोप है कि कश्मीर के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा इसकी कोई निगरानी नहीं की जा रही है।

    लालचौक के एक उपभोक्ता खुरशीद ने कहा, सड़क बंद होने से पहले चिकन 125 रुपये प्रति किलो आसानी से मिल जाता था।

    अब वे इसे 170-180 रुपये में बेच रहे हैं। यह सरासर लूट है और कोई भी इनसे सवाल नहीं कर रहा है।खुरशीद ने कहा कि हर व्यवधान को लोगों का शोषण करने का बहाना बना दिया जाता है।

    उन्होंने प्रशासन व एफसीए पर भी इस मामले को लोकर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले पर यह विभाग कोई कारर्वाई नही कर रहे हैं।

    इधर संबंधित व्यापारियों ने स्वीकार किया कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी औपचारिक रूप से घोषित संशोधन नहीं, बल्कि बाजार द्वारा संचालित उछाल है।

    श्रीनगर के एक पोल्ट्री व्यापारी मंजूर अहमद डार ने कहा, पहले कीमत 125 रुपये तय की गई थी ; थोक विक्रेता अपनी दरें तय कर रहे हैं।

    कोई औपचारिक संशोधन नहीं हुआ है, केवल मुनाफाखोरी हो रही है। गुलाम जीलानी नामक एक सब्जी विक्रेता ने कहा,हमें थोक से ही सबजियां महंगे दामों मिल रही है।ऐसे में हम कैसे उन्हें कम कीमतों में बैचें। रेट के हिसाब से हमें अपना मुनाफा भी देखना है।

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    गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण हुए कई भूस्खलनों के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) बंद है, जिससे सैकड़ों वाहन फँस गए हैं और घाटी में मुख्य आपूर्ति मार्ग कट गया है।

    अधिकारियों ने बताया कि कई क्षतिग्रस्त हिस्सों पर बहाली दल काम कर रहे हैं, इसलिए बंद अब एक और दिन तक जारी रहेगा।