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    SIA ने कश्मीर में 20 जगहों पर की छापेमारी, आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की कार्रवाई; हिरासत में कई संदिग्ध

    Updated: Sun, 11 May 2025 05:19 PM (IST)

    राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने जम्मू-कश्मीर के दक्षिणी जिलों में आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले के आधार पर की गई है। कुलगाम शोपियां अनंतनाग और पुलवामा में तलाशी ली गई जिसमें आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई और संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

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    SIA ने दक्षिण कश्मीर में बीस जगहों पर की छापेमारी। सांकेतिक फोटो

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। राज्य जांच एजेंसी ने रविवार को दक्षिण कश्मीर के सभी जिलों में आतंकियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बीच जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई इसी वर्ष गैर कानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत दर्ज हुई एक प्राथमिकी के आधार पर की गई है।

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    एसआई के प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के जिलों कुलगाम, शोपियां, अनंतनाग और पुलवामा में करीब 20 स्थानों पर तलाशी ली गई। प्रवक्ता ने बताया कि छापेमारी के दौरान काफी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है और संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

    एसआईए द्वारा जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें कुलगाम जिले का होमशालीबुग इलाका शामिल है जबकि एसआईए ने शोपियां जिले के माझ मार्ग जैनपुरा, वेन इमाम साहिब और रेबन इलाकों में भी अभियान चलाया।

    एसआईए के अनुसार प्रारंभिक जांच से स्पष्ट रूप से पता चला है कि ये संस्थाएं आतंकवादी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल हैं। भारत विरोधी बयानों का प्रचार और प्रसार कर रही हैं जिसका उद्देश्य न केवल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देना है, बल्कि असंतोष सार्वजनिक अव्यवस्था और सांप्रदायिक घृणा को भड़काना भी है।

    ओवर ग्राउंड वर्कर की गतिविधि पर नजर

    राज्य जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई आतंकियों के उन स्लीपर सेल के खिलाफ की जो कि आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के अहम स्थलों के बारे में जानकारी देने के अतिरिक्त उनकी सहायता भी करते हैं।

    पुलिस अपनी तकनीक व अन्य माध्यमों से आतंकियों के सहायकों और ओवर ग्राउंड वर्करों की इसी क्षेत्र के भीतर की जा रही गतिविधियों पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।

    इसी तकनीकी बुद्धिमता के सहारे प्रदेश पुलिस को जानकारी मिली कि कश्मीर में बहुत से स्लीपर सेल पाकिस्तान में आतंकियों के हैंडलरों के साथ संपर्क में हैं।

    वे व्हाटसअप, टेलीग्राम और सिगनल के माध्यम से उनके साथ संपर्क बनाए हुए हैं। इसी से यह स्लीपर सेल सुरक्षाबलों की गतिविधियों और अहम स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

    आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई

    इसके अलावा जांच से पता चलता है कि ये लोग प्रमुख आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी कमांडरों के इशारे पर ऑनलाइन कट्टरपंथी प्रचार प्रसार में सक्रिय रूप से शामिल थे। एसआईए की यह निर्णायक कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए जा रहे निरंतर और तीव्र प्रयासों को उजागर करती है।

    यह छापेमारी भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के तुरंत बाद की गई है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक चली गोलाबारी के बाद यह कार्रवाई की गई है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 6 और 7 मई की रात को पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में हवाई हमले करके इस हमले का बदला लिया।

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