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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India China Clash: तवांग में हुई झड़प के बाद मुस्तैद हैं जवान, भारत-पाक सीमा पर बढ़ाई गई गश्त

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Thu, 15 Dec 2022 07:57 AM (IST)Updated: Thu, 15 Dec 2022 07:59 AM (IST)

India Pakistan Border अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद सुरक्षाबलों ...और पढ़ें

भारत-पाकिस्तान इटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ाई गई गश्त
भारत-पाकिस्तान इटरनेशनल बॉर्डर पर बढ़ाई गई गश्त

श्रीनगर, एएनआई। India Pakistan International Border Patrolling: अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद सुरक्षाबलों के जवानों ने सांबा सेक्टर में भारत-पाकिस्तान इटरनेशनल बॉर्डर पर गश्त बढ़ा दी है। हालात को देखते हुए बीएसएफ (BSF) भी पूरी तरह से चौकस है और हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। जवानों के कहना है कि, वो किसी भी मौसम और समय में सीमा पार से आने वाले दुश्मनों के लिए तैयार हैं।

भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प

बता दें कि, इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। 9 दिसंबर को तवांग के यांग्त्से में करीब 300 चीनी सैनिकों ने एलएसी पर भारतीय पोस्ट हटाने की कोशिश की थी जिसके बाद भारत और चीन के सैनिकों के बीच आमने-सामने का संघर्ष हुआ। इस दौरान हुए संघर्ष में दोनों पक्षों के करीब 30 सैनिक घायल हुए। घायलों में ज्यादा संख्या चीनी सैनिकों की बताई जा रही है। एलएसी पर हुई इस झड़प के तुरंत बाद भारत और चीन के तवांग सेक्टर के सैन्य कमांडरों के बीच सीमा पर शांति बहाली के लिए फ्लैग मीटिंग भी हुई।

पहले से था अंदेशा

सूत्रों ने एएनआई को बताया कि जम्मू-कश्मीर राइफल्स, जाट रेजिमेंट और सिख लाइट इन्फैंट्री सहित तीन अलग-अलग बटालियनों के सैनिकों के साथ चीनी जवानों की झड़प हुई थी। झड़प उस वक्त हुई थी जब चीनियों ने क्षेत्र में यथास्थिति को एकतरफा बदलने की कोशिश की थी। झड़प के लिए चीनी सैनिक के पास पहले से ही लाठियां और अन्य उपकरण थे। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिक भी संघर्ष के लिए तैयार थे क्योंकि उन्हें इसका पहले से ही अंदेशा था।

मौके पर थीं भारतीय सेना की 2 टुकड़ियां

यांग्त्से में जहां भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई, वहां से भारतीय सेना की एक यूनिट रिलीव हो रही थी, जबकि उसकी जगह नई यूनिट आ रही थी। चीनियों ने झड़प के लिए उस दिन को चुना जब भारतीय सेना की दोनों टुकड़ियां वहां मौजूद थीं। मालूम हो कि, चीनी सेना के जवान हर साल इन इलाकों में घुसने की कोशिश करते हैं और अपनी क्लेम लाइन पर पेट्रोलिंग करने की कोशिश करते हैं। भारत चीन को इसकी इजाजत नहीं देता है।

चीनी सैनिकों ने किया पथराव 

सूत्रों की तरफ से ये भी बताया गया कि, चीनी सेना ड्रोन के साथ पूरी झड़प को शूट करने के लिए आई थी। वो भारतीय सैनिकों को पछाड़ने की उम्मीद कर रहे थे। चीनी 300 से अधिक सैनिकों के साथ आए थे जो हमला करने के प्रयास में पथराव भी कर रहे थे। लेकिन, इस दौरान भारतीय सेना की तरफ से उन्हे माकूल जवाब दिया गया और पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया। इस क्षेत्र में पहले भी इस तरह की झड़पें देखी गई हैं।

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