श्रीनगर की डल लेक में मॉक ड्रिल की तैयारियां शुरू, SDRF ने नाव के साथ किया अभ्यास; देखें VIDEO
देश में युद्ध की आशंका के बीच गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों में 7 मई को सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। श्रीनगर में डल झील पर भी मॉक ड्रिल हुई जिसमें नाव पलटने पर बचाव का अभ्यास किया गया। 1971 के बाद पहली बार हवाई हमलों के सायरन भी बजाए जाएंगे ताकि जनता को सुरक्षा के लिए तैयार किया जा सके।

एएनआई, श्रीनगर। पाकिस्तान के साथ युद्ध की आशंका को देखते हुए देश की जनता को इसके लिए तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। इस सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए एवं जटिल खतरों के मद्देनजर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से बुधवार को सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल करने को कहा है।
डल झील में मॉक ड्रिल करते हुए एसडीआरएफ कर्मी (फोटो- साहिल मीर)
इसमें हवाई हमलों की चेतावनी देने के लिए शहरों में सायरन सिस्टम को चालू करने और सुरक्षा के लिए आम लोगों एवं छात्रों को जरूरी ट्रेनिंग देना शामिल है। इसी क्रम में श्रीनगर स्थित डल झील में मॉक ड्रिल का असर दिखना भी शुरू हो गया है।
#WATCH श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): एसडीआरएफ टीम ने डल झील पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। pic.twitter.com/V7Rxu95BaI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 6, 2025
'हमें कल ही मिले मॉक ड्रिल करने के आदेश'
इस बाबत जम्मू-कश्मीर एसडीआरएफ के एक जवान आरिफ हुसैन ने कहा कि कल हमें नाव पलटने के संबंध में एक मॉक ड्रिल करने का आदेश मिला। हम दिखाएंगे कि हमारे उपकरणों का उपयोग कैसे करना है। हम यहां उस गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश का पालन कर रहे हैं।
डल झील में मॉक ड्रिल करते हुए एसडीआरएफ कर्मी (फोटो- साहिल मीर)
एसडीआरएफ कर्मी आरिफ हुसैन ने कहा कि इसमें हमें अफसरों को दिखाना होगा कि नाव पलटती है तो उसे कैसे सीधा किया जाए। इससे जुड़े हमारे पास सभी एक्यूमेंट होते हैं। ड्रिल के दौरान हमें नाव को पहले उल्टा करना होगा और फिर हम उस पर चढ़कर उसे सीधा करेंगे। हमारे पास कल ही ऑर्डर आए थे।
हालांकि, जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एसडीआरएफ का मॉक ड्रिल न पहलगाम से जुड़ा है न ही मॉक ड्रिल से जुड़ा हुआ है... पिछले दिनों से अचानक ये जो शाम को तेजा हवाएं चलती हैं उसकी वजह से दो शिकारा डूबे गई थी। इसकी वजह से हमने एसडीआरएफ टीम को जांच करने को कहा है ताकि इस तरह की घटना से किमती जाने न जाए।
#WATCH श्रीनगर (जम्मू एवं कश्मीर): जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, " एसडीआरएफ का मॉक ड्रिल न पहलगाम से जुड़ा है न ही मॉक ड्रिल से जुड़ा हुआ है..पिछले दिनों से अचानक ये जो शाम को तेजा हवाएं चलती हैं उसकी वजह से दो शिकारा डूबे गई थी। इसकी वजह से हमने एसडीआरएफ टीम को… pic.twitter.com/jhtPyr7ePU
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 6, 2025
1971 में हुई थी आखिरी बार मॉक ड्रिल
#WATCH | Srinagar, J&K | SDRF personnel hold exercise to prepare for tomorrow's mock drill at Dal lake
— ANI (@ANI) May 6, 2025
MHA has asked several states and UTs to conduct mock drills for effective civil defence, tomorrow, May 7. pic.twitter.com/FEUQYw8huG
बता दें कि मॉक ड्रिल आखिरी बार 1971 में की गई थी जब पाकिस्तान के साथ पूर्वी एवं पश्चिमी दोनों मोर्चों पर युद्ध हुआ था। युद्ध के समय आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने से लेकर जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रखने में सिविल डिफेंस की अहम भूमिका होती है।
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