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जम्मू-कश्मीर: कैबिनेट विस्तार के बाद उमर सरकार में सियासी भूचाल, 21 विधायक नाराज; 4 मंत्रियों को हटाने की उठी मांग

Published: Sat, 31 Oct 2026 09:24 AM (IST)

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में असंतोष बढ़ गया है, जहां 21 नाराज विधायकों ने बैठक कर मंत्रियों व सलाहकारों को हटाने की मांग की।

जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (जागरण ग्राफिक्स)

जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (जागरण ग्राफिक्स)

HighLights

  1. 21 नाराज नेकां विधायकों ने बैठक की

  2. आगा रुहुल्ला 3 नवंबर को इस्तीफा देंगे

  3. मुबारक गुल को महासचिव पद से हटाया गया

नवीन नवाज, श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों में उपजा आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पूर्व मंत्री और विधायक कैसर जमशेद लोन के निवास पर नेकां के 21 नाराज विधायकों ने बैठक की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई प्रस्ताव पास किए गए।

इनमें विधायकों ने कथित तौर पर चार मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी और कोषाध्यक्ष शम्मी ओबराय को हटाने की मांग की।

इसके अलावा विधायकों ने कहा कि जिन मंत्रियों का कार्यकाल दो वर्ष हो चुका है, उन्हें पदमुक्त कर उनके स्थान पर अन्य विधायकों को मौका दिया जाए।

साथ ही श्रीनगर के डाचीगाम में जून में नेकां की बैठक में लिए गए निर्णय भी लागू किए जाएं। विधायक नजीर गुरेजी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी बनाई गई, जो जल्द नेकां अध्यक्ष फारूक व मुख्यमंत्री उमर से मिलकर प्रस्ताव सौंपेगी।

तीन तारीख को इस्तीफा देंगे आगा रुहुल्ला

उधर, नेकां के बागी सांसद आगा रुहुल्ला भी तीन नवंबर को पार्टी व लोकसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा देने के एलान पर डटे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व बगावत की आग भड़कने से पहले नाराज विधायकों व रुहुल्ला को मनाने में जुटा है।

मुख्यमंत्री उमर ने मंगलवार को मंत्रिमंडल में विस्तार करते हुए सतीश शर्मा को बाहर का रास्ता दिखाते हुए चार नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। वहीं मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे कई विधायक नाराज हो गए और उन्होंने खुलेआम विरोध भी किया।

नेकां के 21 विधायक श्रीनगर एयरपोर्ट के साथ सटे हुमहामा में स्थित लोलाब के विधायक कैसर जमशीद लोन के घर जमा हुए। बैठक दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक चली।

इस बैठक में राजौरी-पुंछ के विधायकों की भागीदारी भी रही। थन्नामंडी के विधायक मुजफ्फर इकबाल खान पहले ही मंत्रिमंडल में अपने क्षेत्र को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने पर चिंता जता चुके हैं। बैठक में उनके साथ पुंछ हवेली के विधायक एजाज जान और बुड़ाल के विधायक जावेद इकबाल चौधरी भी मौजूद थे।

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नेकां के विधायक मुबारक गुल के समर्थक शुक्रवार रात को श्रीनगर में मशाल जुलूस निकालते हुए। जागरण

वहीं, नेकां के एक विधायक ने बताया कि डाचीगाम की बैठक में जिन मंत्रियों पर सबसे ज्यादा गंभीर आरोप थे, वह आज भी यथावत अपने पद पर आसीन हैं। वहीं, कैसर लोन ने संपर्क किए जाने पर कहा कि मैंने अपने सभी साथियों को भोज के लिए आमंत्रित किया था।

रुहुल्ला के इस्तीफ से पार्टी में बगावत रोकना मुश्किल

बागी सांसद आगा सैयदा रुहुल्ला ने तीन नवंबर की अपनी प्रस्तावित रैली के लिए लोगों को निमंत्रण देते हुए उन्हें मंगलवार को बड़गाम में जिला उपायुक्त कार्यालय के पास जमा होने को कहा।

रुहुल्ला के इस्तीफ से पार्टी में बगावत को रोकना मुश्किल हो सकता है। रुहुल्ला बड़गाम से हैं और उनकी नाराजगी के चलते ही बड़गाम में उपचुनाव में नेकां को हार मिली थी। रुहुल्ला अब लोकसभा सीट भी छोड़ने का मन बना चुके हैं। ऐसी स्थिति में श्रीनगर संसदीय सीट के लिए उपचुनाव भी नेकां के लिए भारी हो सकता है।

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फारूक ने मुबारक गुल को महासचिव पद से हटाया

21 नाराज विधायकों की बैठक के बाद नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मंत्री न बनाए जाने से नाराज विधायक मुबारक गुल को तीन दिन बाद ही पार्टी के महासचिव पद से हटा दिया है।

मंत्री अली मोहम्मद सागर को फिर अगले आदेश तक महासचिव का कार्यभार संभालने को कहा गया है। गुल को गत मंगलवार ही महासचिव बनाया गया था, जब मंत्री पद न मिलने पर उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।

उनसे पहले अली मोहम्मद सागर ही महासचिव थे। पार्टी द्वारा महासचिव बनाए जाने के कुछ समय बाद ही गुल ने कहा था कि उनके समर्थक उन पर यह पद और पार्टी छोड़ने का दवाब बना रहे हैं।

वह चार नवंबर को अपने फैसले का एलान करेंगे। इस बीच शुक्रवार रात को श्रीनगर में गुल के समर्थकों ने मशाल जुलूस भी निकाला।

वहीं, कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व का मानना है कि तीन नवंबर को अगर रुहुल्ला की रैली के बाद गुल स्वयं महासचिव का पद छोड़ने का एलान करते तो पार्टी को नुकसान हो सकता था। उन्हें पहले ही इस जिम्मेदारी से मुक्त कर यह संदेश दिया गया है कि पार्टी अनुशासन का पालन करेगी।

कौन-कौन था बैठक में

विधायकों में मुबारक गुल (ईदगाह), हसनैन मसूदी (पंपोर), अर्जुन सिंह राजू (रामबन), सैफ-उद-दीन बट (खानसाहिब), फारूक शाह (तंगमर्ग), नजीर अहमद खान (गुरेज), हिलाल लोन (सोनावारी), बशीर वीरी (बिजबिहाड़ा), अब्दुल मजीद लारमी, (अनंतनाग वेस्ट), गुलाम मोहिउद्दीन मीर (राजपोरा), जावेद अहमद (करनाह), एजाज जान (पुंछ हवेली), जावेद इकबाल (बुद्धल), खुर्शीद अहमद (गुलाबगढ़), सज्जाद शफी (उड़ी), मुश्ताक अहमद गुरु (छलनापोरा), मुजफ्फर खान (थन्नामंडी) शामिल थे।

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