डॉक्टर बनने का सपना संजोए 40 हजार से अधिक युवाओं ने दी NEET UG की परीक्षा, कितना कठिन था पेपर? पढ़िए छात्रों की जुबानी
जम्मू-कश्मीर में डॉक्टर बनने का सपना लिए 40 हजार से अधिक छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा दी। 51510 युवाओं ने पंजीकरण करवाया था। प्रदेश में एमबीबीएस की 1347 और बीडीएस की 229 सीटें हैं। 128 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। अब मेरिट सूची जारी होगी जिसके बाद काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा। इस नीट-यूजी परीक्षा में युवाओं के लिए 15 प्रतिशत केंद्रीय कोटा भी निर्धारित है।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। डॉक्टर बनने का सपना संजोए 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने नीट-यूजी परीक्षा दी। दो तीन साल की कड़ी मेहनत के साथ युवा परीक्षा देने पहुंचे। उत्साह के साथ तनाव भी था। जम्मू कश्मीर से 51510 युवाओं ने नीट-यूजी परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया था। प्रदेश में एमबीबीएस की 1347 और बीडीएस की 229 सीटें है।
नीट-यूजी में विद्यार्थियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा से गुजरना पड़ता है। प्रदेश में 128 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू हुई जो पांच बजे समाप्त हुई। हालांकि, विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्रों में 11 बजे ही पहुंचने के लिए कहा गया था।
कश्मीर संभाग के छह व जम्मू संभाग के चार जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। कुल 128 परीक्षा केंद्र सरकारी संस्थानों में ही बनाए गए थे, जिसमें 107 प्रदेश के सरकारी संस्थानों व 21 केंद्रीय संस्थान थे। संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर व मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने नीट-यूजी परीक्षा की निगरानी की।
अब जारी होगी मेरिट सूची
जम्मू व श्रीनगर शहर में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र थे, जिसमें श्रीनगर में 36 परीक्षा केंद्र में 15100 विद्यार्थियों का पंजीकरण था तो जम्मू में 33 परीक्षा केंद्रों में 14 हजार से अधिक का पंजीकरण था। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नजर आए।
जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस की 1347 सीटों में एक सौ प्राइवेट कालेज में, 62 एम्स जम्मू में हैं। डेंटल कॉलेजों में 229 सीटें है, जिसमें सरकारी व प्राइवेट डेंटल कालेज शामिल हैं। नीट-यूजी परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा। यह सूची उसे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय देंगे।
युवाओं के लिए 15 प्रतिशत केंद्रीय कोटा निर्धारित
उसके बाद आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। मूल रूप से जम्मू कश्मीर रहने वाले उम्मीदवार जो बाहरी प्रदेशों में हैं, उनको भी आवेदन करने का मौका हासिल होगा। बाद में मेरिट सूची तैयार होगी। उसके बाद काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
बाहरी प्रदेशों के युवाओं के लिए 15 प्रतिशत केंद्रीय कोटा निर्धारित है। परीक्षा देने वाले आरव ने कहा कि परीक्षा अच्छी हो गई है। हालांकि, मुश्किल था लेकिन इसके लिए पर्याप्त तैयारी चाहिए होती है। आगे अब तो परिणाम के बाद ही स्थिति साफ होगी।
परीक्षा देने वाले उज्ज्वल ने कहा कि इसमें मेहनत व किस्मत दोनों चाहिए होती है। मेरिट कितना जाएगा, यह कहा नहीं जा सकता है। भगवान से प्रार्थना है कि परीक्षा पास हो जाए।
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