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    लद्दाख को राज्य का दर्जा, दो संसदीय क्षेत्र व नौकरियों में आरक्षण...गृह मंत्रालय में कई मुद्दे उठाएंगे नेता, 4 दिसंबर को होगी बैठक

    By naveen sharmaEdited By: Preeti Gupta
    Updated: Sun, 03 Dec 2023 10:05 AM (IST)

    केंद्र सरकार ने लद्दाख के नागरिकों के सामाजिक-राजनीतिक व आर्थिक हितों के लिए संवैधानिक रक्षा उपायों पर चर्चा के लिए सहमत हो गई है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता में नई दिल्ली में लेह अपेक्स बॉडी एलएबी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। लद्दाख को एक राज्य बनाने लद्दाख में दो संसदीय क्षेत्र बनाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

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    लद्दाख नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्रालय में चार दिसंबर को होगी बैठक

    जागरण संवाददाता, लद्दाख। Jammu-Kashmir News: केंद्र सरकार ने लद्दाख के नागरिकों के सामाजिक-राजनीतिक व आर्थिक हितों के लिए संवैधानिक रक्षा उपायों पर चर्चा के लिए सहमत हो गई है।

    नित्यानंद राय की अध्यक्षता में होगी बैठक

    संबधित मुद्दों पर चार दिसंबर को नई दिल्ली में लेह अपेक्स बॉडी एलएबी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस(केडीए) के प्रतिनिधियों के साथ केंद्र सरकार की केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार समिति की एक बैठक होगी। लद्दाख मामलों की उच्चाधिकार समिति की एक बैठक 19 जून को नयी दिल्ली में हुई थी।

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    एलबी-केडीए और लद्दाख के आठ प्रतिनिधि होंगे मौजूद

    बैठक में एलएबी और केडीए के सात-सात व केंद्र शासित लद्दाख प्रशासन के आठ प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। लद्दाख के उपराज्यपाल (सेवानिवृत्त) बीडी मिश्रा का बैठक में भाग लेना फिलहाल स्पष्ट नही है। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वह उपचार के लिए गए हैं।

    इलाज के बाद बैठक में शामिल होंगे बीडी मिश्रा

    उपचार से लौटने पर ही बैठक में भाग लेंगे। लद्दाख प्रशासन के आठ सदस्यीय दल में लोकसभा सदस्य जामयांग त्सेरिंग नामग्याल, लेह और कारगिल पर्वतीय स्वायत्त विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद-सह-अध्यक्ष और गृह मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं।

    बैठक में ये लोग रहेंगे शामिल

    लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन के अध्यक्ष थुपस्तान छेवांग ने बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि चार दिसंबर बुधवार की दोपहर को यह बैठक होगी। इसमें एलएबी की तरफ से जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री शेरिंग दोर्जे, कांग्रेस की लद्दाख इकाई के प्रधान और पूर्व मंत्री न्वांग रिग्जिन जोरा, लदृदाख गोंपा ऐसोसिएशन के अध्यक्ष त्सेरिंग वांगडस, अंजुमन ए इमामिया लेह के अध्यक्ष अशरफ अली बरचा, अंजुमन मोईन उल इस्लाम,लेह के प्रधान अब्दुल क्यूम और स्टुडेंट्स यूनियन-लीफ के अध्यक्ष पदमा स्टेंजिन शामिल रहेंगे।

    एलबी अध्यक्ष हैं  थुप्स्तान छेवांग

    केडीए की तरफ से थुप्स्तान छेवांग एलएबी के भी अध्यक्ष हैं। केडीए की तरफ से इसमें कमर अली अखून,असगर अली करबलाई और सज्जाद करगिली ,शेख बशीर शाकिर,सकरमा दादुल, मुबारक शाह नकवी और सैयद अहमद रिजवी शामिील हैं।

    बैठक में चार सूत्री एजेंडे पर होगी चर्चा

    सज्जाद करगिली ने कहा कि हमारी मांगे और हमारा एजेंडा स्पष्ट है। हम लद्दाख और लद्दाखियों की पहचान, उनकी संस्कृति के संरक्षण को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं। इन पर कोई समझौता नहीं हो सकता। बैठक में चार सूत्री एजेंडे पर ही मुख्य तौर पर चर्चा होगी।

    लद्दाख को राज्य बनाने का उठेगा मुद्दा

    हम लद्दाख को छठी अनुसूचि का दर्जा देने, लद्दाख को एक राज्य बनाने, लद्दाख में दो संसदीय क्षेत्र बनाने और सभी सरकारी नौकरियां सिर्फ लद्दाखियों के लिए आरक्षित करने लिए लद्दाख निवाासी प्रमाणपत्र एलआरसी को अनिवार्य बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों में लद्दाख प्रांत में एक ही संसदीय सीट है। हमारी मांग है कि करगिल और लेह केा अलग अलग संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का दर्जा दिया जाए।

    लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग का गठन करने की मांंग

    एलबीए के सदस्य ने बताया हमारी मांगों में लद्दाख के लिए एक अलग लोक सेवा आयोग का गठन है। अगर इसे गठित नहीं किया जा सकता तो हम चाहेंगे लद्दाख को जम्मू कश्मीर लोक सेवा आयोग में शामिल किया जाए। संबधित अधिकारियों ने बताया कि लद्दाख मामलों की उच्चाधिकार समिति की गत 19 जून को नई दिल्ली में भी एक बैठक हुई थी।

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    'हमारे एजेंडे पर होगी बातचीत तब ही होंगे शामिल'

    इसके बाद एलएबी और केडीए ने स्पष्ट रूप से कहा था कि अगली बैठक में वह तभी शामिल होंगे जब उनके एजेंडे पर बातचीत होगी। केंद्र सरकार मौजूदा परिस्थितियों में लद्दाख को अलग राज्य का दर्जा देने के मूड में नहीं है,लेकिन केंद्रीय गृहमंत्रालय ने एलएबी और केडीए को सूचित किया है कि बैठक में हर विषय पर चर्चा होगी। इसके बाद ही एलएबी ने बैठक के लिए हामी भरी है।

    गृह मंत्रालय ने इन मुद्दों पर करेगी चर्चा 

    गृह मंत्रालय द्वारा जारी समिति के संदर्भ की शर्तों में लद्दाख की भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसकी अनूठी संस्कृति और भाषा की रक्षा के उपायों पर चर्चा, लोगों के लिए भूमि और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना, समावेशी विकास और रोजगार सृजन के उपाय, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद लेह व करगिल के सशक्तिकरण और संवैधानिक सुरक्षा उपाय शामिल हैं।

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