कश्मीर में ठंड है प्रचंड, कई जगहों का तापमान शून्य से नीचे; अगले 24 घंटे में बारिश-बर्फबारी की संभावना
Kashmir Weather News कश्मीर में इन दिनों ठंड का प्रचंड दौर जारी है। श्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में तापमान लगातार शून्य से नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना जताई है। बता दें कि घाटी में चिल्लेकलां का दौर चल रहा है जो सबसे सर्द मौसम माना जाता है।

जागरण संवाददाता, श्रीनगर। Jammu Kashmir Weather कड़ाके की ठंड के बीच कश्मीर में शनिवार को मौसम शुष्क रहा। श्रीनगर समेत अधिकांश इलाकों में तापमान लगातार जमाव बिंदु शून्य से नीचे बना रहा। पर्यटनस्थल पहलगाम -7.6 डिग्री के साथ घाटी का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा। श्रीनगरवासी भी न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री के साथ भीषण ठंड से बेहाल रहे।
24 घंटे के दौरान बारिश-बर्फबारी की संभावना
इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में बर्फबारी व बारिश की संभावना जताई है। बता दें कि 11 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते ऊपरी इलाकों में बर्फबारी व बारिश की विभाग ने भविष्यवाणी की थी।
घाटी के किसी भी हिस्से से बर्फबारी या बारिश की सूचना नहीं मिली। श्रीनगर समेत घाटी के अधिकांश हिस्सों में घने बादलों से ढके आसमान ने पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव का खूब अहसास दिलाया।
कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे
श्रीनगर में भीषण ठंड के बीच दिनभर आसमान पर घने बादल छाए रहे। तमाम स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु शून्य से नीचे बना रहा। काजीगुंड में -6.5,कुपवाड़ा में -4.4, कोकरनाग में -4.7, गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान -6.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
21 दिन पूरे कर चुका है चिल्लेकलां
बता दें कि घाटी में सबसे सर्द मौसम चिल्लेकलां जारी है और इसने अपनी 40 दिवसीय पारी के 21 दिन पूरे कर लिए हैं। अपनी पारी के दौरान अभी तक इसने घाटी को दो बार बर्फ की चादर ओढ़ा दी है। ऊधर जम्मू में कोहरे ने सुबह-शाम बेहाल कर रखा है। शनिवार को जम्मू का अधिकतम तापमान 16.2 और न्यूनतम तापमान 7.1 दर्ज किया।
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जम्मू में शीतलहर से बढ़ी ठंड
वहीं, जम्मू में पिछले 24 घंटों से छाए घने कोहरे और शीतलहर ने ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है।शनिवार को भी अधिकतर क्षेत्रों में कोहरा छाया रहा। खासकर जम्मू शहर और आसपास के नहरे से लगते क्षेत्रों में तो कोहरा इतना ज्यादा था कि दस फुट की दूरी पर भी देखना मुश्किल था।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार दौड़ने वाली गाड़ियों भी सड़कों पर रेंगती नजर आई। रात को तो कोहरा इतना घना हो जाता है कि जनजीवन थम जाता है। सुबह दस बजे तक बाजारों में स्कूलों और कार्यालय को जाने वाले लाेगों के अलावा दूसरे लोग घरों में ही धुवके रहते हैं।
बाजार भी काफी देरी से खुल रहे हैं और रात को जल्दी ही लोग दुकानें बंद करने लगे हैं। कई स्थानों पर ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ता है। शनिवार को कोहरे और बादल छाए रहने के चलते दिन में लोग धूप का इंतजार ही करते रहे।
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