Militancy In Kashmir : मौत सामने देख जैश कमांडर ने दो बच्चों को बनाया मानवढाल, सुरक्षाबलों ने किया ढेर
पुलिस को बीती रात पता चला कि कापरिन में जैश का पाकिस्तानी कमांडर कोई साजिश रचने के लिए अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आया हुआ है। पुलिस ने उसी समय सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ तलाशी अभियान चलाया।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : आतंकवाद का कोई धर्म नहीं। साजिश रचने के लिए आतंकी मदरसों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं और अपनी जान बचाने के लिए वह मासूम बच्चों को ढाल बनाने से भी बाज नहीं आ रहे। ताजा मामला दक्षिण कश्मीर के शोपियां का है।
यहां शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में एक मदरसे में छिपे बैठे जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी कमांडर कामरान उर्फ अनीस ने सुरक्षाबलों से बचने के लिए 11-11 साल के दो छात्रों को मानवढाल बनाने के लिए एक खंभे से रस्सियों के साथ बांध दिया। सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई के आगे जैश कमांडर के नापाक मंसूबे नाकाम रहे और मुठभेड़ में वह मारा गया। कामरान ए-श्रेणी का आतंकी था। मुठभेड़ के समय मदरसे में तीन अध्यापक और 31 छात्र थे, जो सभी सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ स्थल कापरिन, शोपियां और कुलगाम जिले की सीमा पर है। पुलिस को बीती रात पता चला कि कापरिन में जैश का पाकिस्तानी कमांडर कोई साजिश रचने के लिए अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आया हुआ है। पुलिस ने उसी समय सेना और सीआरपीएफ के जवानों के साथ तलाशी अभियान चलाया।
सुरक्षाबलों ने आधी रात के बाद गांव को चारों तरफ से घेरते हुए आने-जाने के सभी रास्ते बंद कर दिए। आतंकी मदरसा दारुल उलूम खालिद इब्न वलीद में छिपा हुआ था। मदरसे में उसके छिपने की जानकारी एक ओवरग्राउंड वर्कर ने पूछताछ के दौरान दी थी। सुबह सूरज की पहली किरण के साथ जवानों ने तलाशी अभियान शुरू किया।
पूरी रणनीति बनाकर चलाया गया आपरेशन : आतंकी को बच निकलने का मौका न मिले, इसके लिए जवानों की अलग-अलग टुकड़ियों को मदरसे और उसके साथ सटी मस्जिद के पास तैनात किया। ऐसा इसलिए भी किया गया कि आतंकी मस्जिद या फिर मदरसे के साथ सटे घरों में दाखिल न हो सके। सुबह छह बजे मुठभेड़ शुरू हुई। जवानों ने आतंकी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने गोलीबारी शुरू कर दी। मुठभेड़ के समय मदरसे में अध्यापक और छात्र भी थे। उनकी सुरक्षा का भी सवाल था।
ऐसे में जवानों ने बड़ी सावधानी के साथ आतंकी पर जवाबी प्रहार करते हुए छात्रों और अध्यापकों को भी सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, आतंकी ने अपनी जान बचाने के लिए कुछ छात्रों को बंधक बनाने की कोशिश की। करीब सवा छह बजे उसने अंधांधुंध फायरिंग करते हुए मदरसे से बाहर निकलकर भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। मुठभेड़ के बाद जब मदरसे में तलाशी ली गई तो एक जगह खंभे के साथ दो छात्र बंधे हुए मिले। शुरुआती जांच में पता चला कि आतंकी ने उन्हें मानवढाल बनाने के लिए ही खंभे के साथ बांधा था।
मदरसे के अध्यापकों से भी होगी पूछताछ : एसपी
शोपियां के एसपी तनुश्री ने जैश कमांडर कामरान के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि वह करीब आठ माह से शोपियां और कुलगाम में सक्रिय था। उसके पास से एक एके -74 राइफल व अन्य साजो सामान मिला है। जिस तरह से बीते कुछ समय से शोपियां व कुलगाम में आतंकियों द्वारा आत्मघाती हमले की साजिश रचे जाने की सूचना मिल रही है, उसे देखते हुए कामरान का मारा जाना एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने बताया कि मदरसे के अध्यापकों से भी कामरान के बारे में पूछताछ होगी औार यह पता लगाया जाएगा कि वह वहां कितने दिन से और किसके प्रभाव से रह रहा था। शोपियां के चौधरीगुंड में बीते दिनों हुई कश्मीरी हिंदू पूर्ण कृष्ण भट्ट की हत्या के बारे में पूछे जाने पर एसपी ने कहा कि उसमें कामरान शामिल नहीं था। पूर्ण कृष्ण भट्ट की हत्या लश्कर के आतंकियों ने की है। उन्हें भी चिह्नित कर लिया है और जल्द ही वह पकड़े या मारे जाएंगे।
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