'जम्मू-कश्मीर की चर्चा टेरेरिज्म के लिए नहीं, टूरिज्म के लिए हो रही है', Z मोड़ सुरंग के उद्घाटन पर मनोज सिन्हा ने गिनाईं उपलब्धियां
Z Morh Tunnel जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश में आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर की चर्चा आतंकवाद के लिए नहीं बल्कि पर्यटन के लिए हो रही है। सोनमर्ग सुरंग के उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि 2024 जम्मू-कश्मीर के लिए परिवर्तनकारी वर्ष होगा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा एवं विकासात्मक परिदृश्य में आए सुखद बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जम्मू कश्मीर की चर्चा टेरेरिज्म के लिए नहीं बल्कि टूरिज्म के लिए हो रही है। वह आज सोनमर्ग सुरंग के उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वर्ष 2024 को जम्मू कश्मीर के लिए एक परिवर्तनकारी वर्ष बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू कश्मीर को निराशा के दलदल से निकाल से विकास की पथ पर ले जाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि किताबों में कश्मीर को लेकर जिस जन्नत की बात होती है, कश्मीर को उस वास्तविक जन्नत बनाने का काम प्रधानमंत्री ने किया है। जम्मू कश्मीर में वैभव के शिखर पर ले जाने का काम किया है। लोग अब आतंकवाद के बारे में नहीं बल्कि पर्यटन के बारे में बात कर रहे हैं। यह जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
जेड मोड़ सुरंग को बताया गेम चेंजर
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में 2.35 करोड़ पर्यटक जम्मू-कश्मीर आए। यह क्षेत्र के परिवर्तन और लोगों में इस खूबसूरत भूमि पर आने के प्रति विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में हर व्यक्ति के लिए बेहतर जीवन का वादा किया है। हम आज उस वादे को पूरा होते देख रहे हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जेड-मोड़ सुरंग को सोनमर्ग के लिए गेम-चेंजर बताते हुए कहा कि यह सोनमर्ग में सर्दियो के दौरान भी पर्यटन को बढ़ावा देगी। यह सुरंग सोनमर्ग को पूरे साल सुलभ बनाएगी। मेरा मानना है कि वह दिन दूर नहीं जब लद्दाख में भी सभी मौसमों में कनेक्टिविटी होगी, जिससे क्षेत्र में और भी अधिक विकास होगा।
20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ
उन्होंने जम्मू कश्मीर में बुनियादी ढांचे विकास के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्याें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं इसमें रुचि लेते हैं। उन्होंने केवल केवल 2024 तीन बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और 41,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया।
इसके बाद 2022 में सांबा की अपनी यात्रा के दौरान 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। मौजूदा समय में 1.5 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं वर्तमान में चल रही हैं और जोजिला सुरंग सहित सुरंग परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे पर तेजी से काम चल रहा है। बारामुला-कुपवाड़ा-त्रेहगाम राष्ट्रीय राजमार्ग, बारामुल्ला-उडी राजमार्ग, पट्टन बाईपास, बारामुला बाईपास और कई अन्य परियोजनाओं का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करना है।
आठ सुरंग परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और दिसंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है। सुधमहादेव-द्रंगा सुरंग और सिंहपोरा-वेलु सुरंग पर काम शुरू किया जा रहा है।
कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने का सपना जल्द ही साकार
क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए एक आवश्यक परियोजना ज़ोजिला सुरंग के 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि अन्य प्रमुख सुरंगों को दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 250 या उससे अधिक आबादी वाले क्षेत्र के लगभग सभी गांवों को जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि अंतिम नौ गांवों को भी जोड़ने के प्रयास जारी हैं। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नाबार्ड के तहत करीब 144 सड़क और पुल परियोजनाएं शुरू की गई हैं। रेलवे नेटवर्क के माध्यम से कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ने का सपना जल्द ही साकार होगा।
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक के खुलने से सामाजिक-आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकीकरण के एक नए युग की शुरुआत होगी।
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