श्रीनगर, जेएनएन। दक्षिण कश्मीर के कंगन पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के टाॅप कमांडर आैर आइईडी बनाने में माहिर अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई समेत तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों के शव सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिए हैं जबकि उनके पास से भारी तादाद में हथियार व गोलाबारूद भी बरामद हुआ है। इस मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान भी घायल हुआ है। उसे इलाज के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद का टाॅप कमांडर अब्दुल रहमान उर्फ फौजी अफगानिस्तान युद्ध में भी भाग ले चुका है आैर IED बनाने में माहिर था। वह पुलवामा में सुरक्षाबलों द्वारा सुरक्षित ढंग से क्षतिग्रस्त की गई आइईडी लैस सेंट्रो कार का मास्टरमाइंड भी था।आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने गत दिनों आइईडी लैस सेंट्रों कार बनाने में आदिल के साथ फौजी भाई का नाम भी लिया था। सुरक्षाबल उसी दिन से इन आतंकियों की सरगर्मी से तलाश कर रहे हैं। 

मीडिया से बात करते हुए IGP विजय कुमर ने “मारे गए कमांडर की पहचान अब्दुल रहमान उर्फ फौजी भाई या फौजी बाबा के रूप में बताते हुए बताया कि उसने अफगानिस्तान युद्ध में भाग लिया था और कश्मीर में 2017 से सक्रिय था। वह IED विशेषज्ञ था जबकि सेना की कानवाइ पर हमला करने के लिए 28 मई की कार बम योजना का मास्टरमाइंड भी वही था।अब्दुल रहमान मुल्तान पाकिस्तान का रहने वाला था। 

IGP कुमार ने कहा कि मारे गए दो अन्य आतंकवादियों की पहचान भी की जा रही है। ऐसा लगता है कि दोनों स्थानीय थे। उन्होंने कहाकि हमने कुछ लोगों को उन्हें पहचानने के लिए बुलाया है। अगर वे स्थानीय हैं, तो उनके माता-पिता को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में दफनाने की अनुमति दी जाएगी। एक सवाल के जवाब में विजय कुमार ने बताया कि अब्दुल के मारे जाने के बाद अब जैश के पास अब दो ही आइईडी बनाने के माहिर आतंकी रह गए हैं, उनके नाम वलीद भाई और लंबू भाई हैं, ये दोनों विदेशी हैं।

जानकारी के अनुसार कंगन पुलवामा में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सेना की 55 आरआर, पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल ने तलाशी अभियान शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबलों ने जिस घर में आतंकी छिपे हुए थे कि घेराबंदी की उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आत्मसमर्पण करने को भी कहा परंतु उन्होंने इसे अनसुना करते हुए सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। नतीजतन तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए तीन आतंकियों में एक जैश का टाॅप कमांडर भी शामिल है। मुठभेड़ शुरू होते ही पुलवामा में इंटरनेट सेवा को भी बंद कर दिया गया था।

सुरक्षाबलों का अभियान समाप्त हो गया है और मुठभेड़ स्थल में तलाशी अभियान चलाया हुआ है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान घाटी में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जिला पुलवामा में यह दूसरी मुठभेड़ थी। मारे गए आतंकवादियों से भारी तादाद में हथियार व गोलाबारूद भी बरामद हुआ है।

4 दिन में मारे गए 13 आतंकी  

जानकारी हो कि पुलवामा जिले के त्राल में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को दो आतंकियों को मार गिराया था। अवंतीपोरा के साईमोह गांव में आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। जवानों ने आतंकियों से हथियार डालने की बात कही थी, लेकिन आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। कई घंटों की फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया था। इनके पास से सुरक्षाबलों ने भारी गोला-बारूद बरामद किए थे। बताया जा रहा था कि दोनों आतंकी अंसार गजावत-उल-हिंद (एजीएच) आतंकी संगठन के लिए काम करते थे। पुलवामा में लगातार तीसरे दिन एनकाउंटर किया गया था।

इससे पहले सुरक्षाबलों ने एलओसी पर घुसपैठ की कोशिश करते 13 आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। 10 आतंकवादी मेंढर सेक्टर में और तीन आतंकवादी नौशेरा सेक्टर में मारे गए हैं। सेना ने आतंकियों के पास से 2 एके 47 , अमेरिका राइफल, चीनी पिस्टल और ग्रेनेड बरामद किए थे। 

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