जम्मू-कश्मीर विधानसभा सत्र अक्टूबर में होने की संभावना, बाढ़ से उपजे हालात को देखते हुए उमर सरकार का फैसला
जम्मू कश्मीर विधानसभा का चौथा सत्र अक्टूबर के पहले हफ्ते में होने की उम्मीद है। पिछला सत्र अप्रैल में हुआ था और संवैधानिक नियमों के अनुसार दो सत्रों के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। सरकार की ओर से तैयारियां जारी हैं और उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद तारीखों का एलान होगा। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने बताया कि सत्र की अवधि सरकार तय करेगी।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर की पहली विधानसभा का चौथा सत्र अक्टूबर के पहले सप्ताह में बुलाए जाने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में प्रदेश में गत अक्टूबर 2024 में ही विधानसभा का गठन हुआ है।
विधानसभा का पहला सत्र नवंबर 2024 में हुआ था और दूसरा सत्र बजट सत्र, मार्च-अप्रैल 2024 में शरदकालीन राजधानी जम्मू में हुआ। तीसरा सत्र पहलगाम हमले के बाद एक दिन के लिए शरदकालीन राजधानी जम्मू में ही बुलाया गया था।
संबधित सूत्रों ने बताया कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि यह सत्र इसी माह के अंत तक बुलाया जाए, लेकिन बाढ़ से उपजे हालात को देखते हुए इसे अक्टूबर में बुलाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया सत्र की तैयारियां चल रही हैं और केबिनेट के प्रस्ताव पर उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद ही औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
विधानसभा स्पीकर अब्दुल रहीम राथर के अनुसार, सत्र किस तारीख से शुरु होगा और कितने दिन चलेगा, यह सरकार को तय करना है,लेकिन उम्मीद है कि सत्र अक्टूबर में होगा। संविधान के अनुसार, विधानसभा का सत्र हर छह महीने में कम से कम एक बार बुलाया जाना चाहिए।
पिछली बैठक अप्रैल में हुई थी, जब सदन विशेष पहलगाम सत्र के लिए बैठा था, अतः अक्टूबर में चौथा सत्र आयोजित करना संवैधानिक आवश्यकता को पूरा करेगा।
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