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    Militancy In Kashmir : पाकिस्तान से मिली रकम से आतंकियों को आइईडी बनाना सिखा रहा टीआरएफ

    Militancy In Kashmir एनआइए के मुताबिक मुजम्मिल ने कश्मीर में आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने वाले स्थानीय युवाओं को आइईडी व अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार करने और इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने के षड्यंत्र में भी शामिल था।

    By naveen sharmaEdited By: Rahul SharmaUpdated: Thu, 10 Nov 2022 10:45 AM (IST)
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    कश्मीरी युवाओं में जिहादी मानसिकता पैदा करते हुए उन्हें हथियार उठाने के लिए तैयार कर रहा था।

    श्रीनगर, राज्य ब्यूरो : लश्कर-ए-तैयबा का हिट स्क्वाड द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) कश्मीर में सक्रिय अपने आतंकियों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रसायन से आइईडी और अन्य विस्फोटक तैयार करना सिखा रहा है। इसमें वह उन युवाओं को अधिक शामिल कर रहा है, जिन्हें बरगलाकर आतंकी बनाया जा रहा है।

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    टीआरएफ को पाकिस्तान से हथियार और पैसा लगातार मिल रहा है। इसी मदद से टीआरएफ कमांडर अपने स्थानीय कैडर को हिंसा के लिए तैयार कर रहा है। यह पर्दाफाश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित एनआइए की विशेष अदालत में टीआरएफ कमांडर मुजम्मिल मुश्ताक बट उर्फ हमजा उर्फ दानियाल के खिलाफ दायर पूरक आरोपपत्र में किया है। मुजम्मिल बारामुला का रहने वाला है।

    एनआइए ने कश्मीर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में टीआरएफ द्वारा हमलों के रचे जा रहे षड्यंत्र का पता चलते ही 18 दिसंबर, 2021 को मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इसी जांच के दौरान मुजम्मिल गिरफ्तार किया गया था। मुश्ताक के खिलाफ जमा सुबूतों और उससे पूछताछ के आधार पर एनआइए ने आरोपपत्र दायर कर अदालत में पेश किया है। एनआइए के मुताबिक, मुजम्मिल ने कश्मीर में आतंकी संगठन में भर्ती किए जाने वाले स्थानीय युवाओं को आइईडी व अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार करने और इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने के षड्यंत्र में भी शामिल था।

    आरोपपत्र में एनआइए ने बताया है कि मुजम्मिल पाकिस्तान में बैठे लश्कर और टीआरएफ के प्रमुख कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में था। वह कश्मीर में युवाओं को आतंकी संगठन विशेषकर टीआरएफ में शामिल होने के लिए उकसा रहा था। वह कश्मीरी युवाओं में जिहादी मानसिकता पैदा करते हुए उन्हें हथियार उठाने के लिए तैयार कर रहा था।

    अग्निवीर भर्ती की परीक्षा में सफल होने के मंत्र बता रही सेना : भारतीय सेना में अग्निवीर बनने के लिए जम्मू कश्मीर और लद्दाख के युवा शारीरिक दक्षता में सफल होने के बाद अब लिखित परीक्षा की तैयारी में लगे हैं। भारतीय सेना ने इन्हें शारीरिक क्षमता से दक्ष कराया था, अब उन्हें लिखित परीक्षा में सफल होने के गुर भी बता रही है। दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय बटालियनें अपने स्तर पर भी युवाओं को परीक्षा की तैयारी करा रही हैं।

    अग्निवीरों की भर्ती में हिस्सा लेने वाले कश्मीर व लद्दाख के युवाओं की 13 नवंबर को लिखित परीक्षा है। वहीं, जम्मू संभाग के युवाओं के लिए 15 जनवरी को परीक्षा होगी। परीक्षा में वे सभी युवा बैठेंगे, जो शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा में सफल हो चुके हैं। सेना की उत्तरी कमान और पश्चिमी कमान भी युवाओं को परीक्षा में सफल होने के मंत्र बता रही है। पश्चिमी कमान की सैबर ब्रिगेड जम्मू के रतनूचक में लिखित परीक्षा के साथ उन्हें सेना द्वारा इस्तेमाल होने वाले हथियारों के बारे में भी जानकारी दे रही है। उत्तरी कमान की 16 कोर राजौरी-पुंछ और किश्तवाड़ में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कर रही है। जम्मू जिले के सीमांत क्षेत्रों के 203 युवाओं को भी अग्निवीर बनने का प्रशिक्षण दिया गया है।

    युवाओं में आत्मविश्वास जगा रही है भारतीय सेना: सेना ने किश्तवाड़ जिले के भंडारकोट में 70 युवाओं को अग्निवीर की भर्ती के लिए तैयार किया था। इनमें से 23 युवाओं ने फिजिकल टेस्ट पास कर लिया। इनमें से 17 मेडिकल टेस्ट भी पास कर गए। अब ये सेना से ही लिखित परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सेना के प्रशिक्षण ने इन युवाओं में आत्मविश्वास जगाया है। भंडारकोट के शिव कुमार फिजिकल और मेडिकल टेस्ट पास कर चुके हैं। अब वह लिखित परीक्षा के लिए सेना से प्रशिक्षण ले रहे हैं।

    • अग्निवीर बनने के लिए प्रदेश के युवाओं में खास उत्साह है। उनके जोश को देखते हुए सेना उन्हें प्रशिक्षण देकर कामयाबी हासिल करने का रास्ता दिखा रही है। इस समय सेना अपने स्तर पर पूरे प्रयास कर रही है कि क्षेत्र के युवा अपने लक्ष्य को हासिल कर भविष्य को बेहतर बना सकें। -लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद, पीआरओ डिफेंस