Lok Sabha Election 2024: गुलाम नबी आजाद मांगेंगे 'बाल्टी' के लिए वोट, निर्वाचन आयोग से मिला DPAP को चुनाव चिह्न
पहली बार चुनावी दंगल में उतर रही गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्राग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) को चुनाव चिह्न बाल्टी मिला है। इसकी पुष्टि डीपीएपी के प्रवक्ता सलमान निजामी ने भी की है। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव चिह्न के लिए चुनाव आयोग में आवेदन किया था। चुनाव आयोग ने हमें बाल्टी चुनाव चिह्न आवंटित किया है। हम पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। पहली बार चुनावी दंगल में उतर रही गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्राग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) को चुनाव चिह्न बाल्टी मिला है। इसकी पुष्टि डीपीएपी के प्रवक्ता सलमान निजामी ने भी की है। उन्होंने कहा कि हमने चुनाव चिह्न के लिए चुनाव आयोग में आवेदन किया था। चुनाव आयोग ने हमें बाल्टी चुनाव चिह्न आवंटित किया है। हम पहली बार चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
2022 में बनाया था अलग राजनीतिक दल
कांग्रेस से अलग होने के बाद आजाद ने सितंबर, 2022 में अलग राजनीतिक दल बना लिया था। शुरू में इसका नाम डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी रखा गया, लेकिन कुछ समय बाद इसका नाम डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी कर दिया गया। डीपीएपी ने जम्मू-कश्मीर की सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
यहां से लड़ सकते हैं चुनाव
ऊधमपुर-कठुआ संसदीय क्षेत्र के लिए डीपीएपी ने पूर्व मंत्री जीएम सरूरी को उतारा है। अन्य सीटों पर पार्टी अपने संभावित उम्मीदवारों के नाम पर विचार करने के अलावा समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के साथ गठजोड़ की संभावनाओं को भी तलाश रही है। आजाद के अनंतनाग-राजौरी संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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