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'आज की दिल्ली दिला रही 2019 के कश्मीर की याद', CJP के प्रोटेस्ट के बीच महबूबा मुफ्ती का BJP पर बड़ा हमला

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:29 PM (IST)

महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान बढ़ाई गई सुरक्षा पाबंदियों पर BJP सरकार पर हमला बोला। ...और पढ़ें

महबूबा मुफ्ती का बीजेपी सरकार पर निशाना।

महबूबा मुफ्ती का बीजेपी सरकार पर निशाना।

HighLights

  1. महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली सुरक्षा पर BJP को घेरा

  2. दिल्ली की पाबंदियों को 2019 कश्मीर से जोड़ा

  3. CJP विरोध प्रदर्शन के बीच दिया बयान

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को रोकने के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा पाबंदियों पर राजनीति गरमा गई है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली में रास्ते सील किए जाने, ट्रेनें रोके जाने और सुरक्षा घेराबंदी की तुलना वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूरे कश्मीर में लगाई गई पाबंदियों से की है।

महबूबा मुफ्ती का बीजेपी सरकार पर हमला

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जबरदस्ती थोपी गई खामोशी को लोगों की सहमति बता रही है।

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उन्होंने दिल्ली में कड़ी सुरक्षा पाबंदियों की तुलना 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पूरे कश्मीर में लगाई गई पाबंदियों से की। उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब सुरक्षा पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं, रास्ते बंद कर दिए गए हैं और ट्रेनों की आवाजाही में रुकावट आई है।

केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

महबूबा ने कहा कि आज जब दिल्ली सील है, ट्रेनें थमी हुई हैं और जंतर-मंतर जाने वाले रास्ते बंद हैं, तब भी सत्ताधारी दल यही दावा करेगा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किसी ने विरोध प्रदर्शन नहीं किया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले विरोध को पूरी तरह कुचल दो और फिर सिरे से नकार दो कि कोई प्रदर्शन हुआ ही नहीं था।

आज की दिल्ली की 2019 के कश्मीर से की तुलना

उन्होंने कहा कि 2019 में जब असंवैधानिक तरीके से धारा 370 हटाई गई थी, तब पूरे कश्मीर को घेरे में लेकर लोगों को घरों में बंद कर दिया गया था और फिर दावा किया गया था कि किसी ने विरोध नहीं किया।

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