'हक नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन', जम्मू-कश्मीर में पंजाबी को आधिकारिक भाषा बनाने की उठी पुरजोर मांग
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के पूर्व जिला प्रधान बलवीर सिंह अजी ने जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की मांग की है।
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जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा के सम्मान की लड़ाई।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक दर्जा देने की मांग
बलवीर सिंह अजी ने सरकार से तत्काल कदम उठाने को कहा
मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी
संवाद सहयोगी, मीरा साहिब। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के पूर्व जिला प्रधान बलवीर सिंह अजी ने सरकार से मांग कर कहा कि जम्मू कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और लोगों के साथ इंसाफ किया जाए।
कस्बे में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बलवीर सिंह ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि सिख समाज से जुड़े लोग पिछले लंबे समय से सरकार से मांग करते आ रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में पंजाबी भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया जाए लेकिन अभी तक लोगों को इंसाफ नहीं मिला।
पिछले कुछ दिनों से जारी है धरना
इसी मसले को लेकर जम्मू में पिछले कुछ दिनों से धरना भी दिया जा रहा है बावजूद इसके सरकार की ओर से अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा जिसका चलते लोगों में सरकार के प्रति काफी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अच्छी खासी संख्या में पंजाबी भाषा बोली जाती है इसलिए अन्य भाषाओं की तरह पंजाबी भाषा को भी आधिकारिक भाषा का दर्जा जरूर मिलना चाहिए और लोगों के साथ सरकार को इंसाफ करना चाहिए।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इस मसले को हल नहीं किया जाता है तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन सरकार के खिलाफ करने पर मजबूर हो जाएंगे।
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