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    Omar Abdullah Cabinet: उमर अब्दुल्ला सरकार से बाहर हुई कांग्रेस, एक महिला सहित पांच मंत्री बने; यहां पढ़िए पूरी लिस्ट

    Updated: Wed, 16 Oct 2024 02:00 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हुए जीत नेशनल कॉन्फ्रेस और कांग्रेस गठबंधन की हुई। आज 16 अक्टूबर 2024 को केंद्र शासित प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला ने शपथ ले ली है। उनके साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली। सुरेंद्र चौधरी को जम्मू-कश्मीर का उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। कार्यक्रम में कांग्रेस समाजवादी पार्टी सहित आम आदमी पार्टी के नेता भी शामिल हुए।

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    उमर अब्दुल्ला दूसरी बार बने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री

    डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यंमत्री के रूप में उमर अब्दुल्ला ने शपथ ले ली है। उनके साथ अन्य पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में रखा गया था।

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    कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आप नेता संजय सिंह समेत 6 पार्टियों के नेता शामिल हुए थ। हालांकि, शपथ से पहले ऐसी खबर मिली की कांग्रेस सरकार में शामिल नहीं, पार्टी का कोई भी विधायक मंत्री पद की शपथ नहीं लेगा।

    इन पांच मंत्रियों ने ली शपथ

    डिप्टी सीएम सुरेंदर सहित चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनमें सकीना इट्टू, जावेद राणा, जावेद अहमद डार और सतीश शर्मा का नाम शामिल है।

    कौन कहां से विधायक?

    सुरेंदर चौधरी:

    जम्मू-कश्मीर के नए डिप्टी सीएम सुरेंदर चौधरी नौशेरा से विधायक है। इस सीट से बीजेपी ने राज्य के पार्टी अध्यक्ष रवींद्र रैना पर दांव चला था। सुरेंदर चौधरी ने रैना को करीब 7 हजार से अधिक वोटों से हराया था। नेकां प्रत्याशी सुरिंदर चौधरी ने 35069 वोटों के साथ जीत हासिल की थी। हालांकि, 2014 की बात की जाए तो नौशरा विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में रविंद्र रैना ने सुरिंदर चौधरी को हराकर जीत हासिल की थी।

    सकीना इट्टु:

    नेकां प्रत्याशी और अब जम्मू-कश्मीर सरकार में मंत्री सकीना इट्टु ने डी एस पोरा जो कि पहले नूराबाद था, यहां से तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। तीसरी बार उन्हें यहां की जनता ने जिताया भी है। सकीना 2008 में भी अब्दुल्ला सरकार में मंत्री रह चुकी हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी वह अकेली महिला मंत्री बनी हैं। उन्होंने 1996 में अपने सियासी करियर की शुरुआत की थी। उस समय वह केवल 26 साल की सबसे युवा विधायक थीं।

    जावेद राणा:

    अनंतनाग-राजौरी निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मेंढर विधानसभा सीट से जावेद राणा तीसरी बार विधायक बने हैं। खास बात यह है कि उमर अब्दुल्ला ने पहली बार उनपर भरोसा जताया है और उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इससे पहले वह 2002 और फिर 2014 में इसी सीट से चुनाव जीते थे।

    जावेद अहमद डार:

    जावेद राफियाबाद से पहली बार विधायक बने हैं। डार ने अपनी पार्टी (जेकेएपी) के यावर अहमद मीर को 9,202 मतों से हराया था। वहीं समाजवादी पार्ची के प्रत्याशी ताहिर सलमानी ने यहां महज 396 वोट ही हासिल किए थे।

    सतीश शर्मा:

    उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में सतीश वर्मा इकलौते निर्दलीय विधायक हैं। उन्होंने छंब विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस को समर्थन दिया था।