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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Article 370 की छठी वर्षगांठ पर कांग्रेस ने बनाया 'ब्लैक डे', ईदगाह चौक पर सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ता

Published: Tue, 05 Aug 2025 01:56 PM (IST)

Article 370 abrogation Anniversary कांग्रेस 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के छह साल पूरे होने पर काला दिवस मना ...और पढ़ें

Article 370 की छठी वर्षगांठ पर कांग्रेस ने बनाया 'ब्लैक डे (सोशल मीडिया फोटोो)
Article 370 की छठी वर्षगांठ पर कांग्रेस ने बनाया 'ब्लैक डे (सोशल मीडिया फोटोो)

राज्य ब्यूरो, जम्मू। पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 समाप्त करने के छह साल पूरे होने पर राज्य के दर्जे की बहाली न होने पर कांग्रेस काला दिवस मना रही है। पार्टी का कहना है कि पार्टी के लिए अनुच्छेद 370 मुद्दा नहीं है। राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर अभियान चलाया जा रहा है।

प्रदेश प्रधान तारिक हमीद करा का कहना है कि इस दिन डोगरा राज्य का दर्जा कम करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया था। हमारे हक छीने हैं। महाराजा हरि सिंह पार्क में पार्टी के नेता व कार्यकर्ता धरने पर बैठेंगे। पार्टी लंबे समय से हमारी रियासत हमारा हक अभियान चला रही है। अभियान के दूसरे चरण में 9 अगस्त से लेकर 20 अगस्त तक अनशन किया जाएंगे।

युवा कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

वहीं, अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की वर्षगांठ पर, जम्मू-कश्मीर भर की युवा कांग्रेस इकाइयों ने क्षेत्र को राज्य का दर्जा और लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किए जाने के विरोध में काला दिवस मनाया।

युवा कांग्रेस सदस्यों ने पुंछ के ईदगाह चौक पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए निर्धारित स्थान पर विरोध प्रदर्शन को रोक दिया।

पुलिस ने न केवल विरोध स्थल को रोका, बल्कि हमारे नेता और राज्य उपाध्यक्ष, फियाज़ दीवान को प्रदर्शन का नेतृत्व करने से रोकने के लिए उन्हें उनके घर तक सीमित कर दिया। इसके जवाब में, सभी सहभागी युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और ब्लॉक नेता उनके आवास पर गए और उनके कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहाँ भारी पुलिस बल तैनात था।

यूथ कांग्रेस ने लिखा इसके बावजूद, हम शांतिपूर्ण और दृढ़ रहे। जिस स्थान पर हमें बलपूर्वक रोका गया था, वहाँ प्रतीकात्मक रूप से विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि हमारी आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।