एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 24 अप्रैल से होगा बंद, अब अगले साल कर सकेंगे दीदार; 7 लाख सैलानियों ने की सैर
डल झील के किनारे स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 24 अप्रैल को बंद हो जाएगा। 26 मार्च को खुले इस गार्डन में इस बार 74 किस्मों के 17 लाख ट्यूलिप लगाए गए थे। इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ 7 लाख से अधिक पर्यटकों ने 24 अप्रैल को ट्यूलिप गार्डन बंद होगा से पहले इसकी सैर की। ट्यूलिप का मौसम अब अंतिम चरण में है।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। डल झील किनारे स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 24 अप्रैल गुरुवार को बंद हो जाएगा। इसके साथ ही टयूलिप के शौकीनों को उन्हें फिर से देखने के लिए अगले वर्ष मार्च तक इंतजार करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि ट्यूलिप के फूल ज्यादा तापमान सहन नहीं कर सकते। कश्मीर में यह मार्च के दूसरे पखवाड़े में खिलने लगते हैं और अप्रैल के तीसरे सप्ताहांत इनका मौसम बीत जाता है।
डल झील और जबरवान की पहाड़ियों के बीच सिराजबाग में स्थित इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन एशिया का सबसे बड़ा टयूलिप गार्डन माना जाता है। इस बार बाग में 74 प्रजातियों के 17 लाख ट्यृलिप लगाए गए थे और इसे 26 मार्च 2025 को आम लोगों के लिए खोला गया था।
भारी संख्या में पहुंचे सैलानी
यह मार्च-अप्रैल में कश्मीर में देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र है और इस बार 15 अप्रैल तक मात्र 21 दिनों में 6.7 लाख सैलानियों ने बाग की सैर की थी। यह किसी एक कैलेंडर वर्ष में सीजन के दौरान टयूलिप गार्डन की सैर करने वाले सैलानियों की अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है।
20 अप्रैल तक यह संख्या सात लाख का आंकड़ा पार कर गई थी। वर्ष 2022 में 3.6 लाख, वर्ष 2023 में 3.7 लाख और वर्ष 2024 में 4.65 लाख सैलानियों ने टयूलिप गार्डन की सैर की थी।
आम लोगों के लिए गार्डेन बंद
कश्मीर संभाग के फ्लोरीकल्चर निदेशक शकील उर रहमान ने बताया कि टूयलिप कमेटी की सिफारिश के आधार इस वर्ष टयूलिप गार्डन केा 26 मार्च को आम लोगों के खोला गया था। टूयलिप का मौसम अब अपने अंतिम चरण में हैं,तापमान भी बढ़ गया है। इसलिए 24 मार्च 2025 की शाम को टयूलिप गार्डन अगले मौसम तक आम लोगों के लिए बंद हो जाएगा।
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