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    क्या श्राइन बोर्ड की वजह से गईं 35 जिंदगियां? वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर त्रासदी की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 06:52 AM (IST)

    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह निर्णय 26 अगस्त को हुई त्रासदी के बाद लिया गया जिसमें 35 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। समिति घटना के कारणों की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देगी। समिति दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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    माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर त्रासदी की जांच करेगी तीन सदस्यीय समिति (वैष्णो देवी फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन पर सियासत के बीच उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को इस त्रासदी के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति दो सप्ताह में रिपोर्ट देगी। बता दें कि 26 अगस्त को भारी वर्षा के बाद हुए भूस्खलन में 35 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

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    समिति घटना के कारणों की जांच के साथ यात्रा के दौरान हुई चूक की पहचान करेगी। साथ बचाव व राहत कार्यों के आकलन के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने और निवारक उपाय सुझाने का काम सौंपा है।

    समिति को दो सप्ताह के भीतर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

    ये अधिकारी होंगे सदस्य

    समिति का नेतृत्व जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा करेंगे। जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार और जम्मू रेंज के पुलिस महानिरीक्षक भीमसेन टूटी को इसके सदस्य होंगे।

    यहां बता दें कि नेकां और उमर सरकार ने इस विषय को सियासी रंग देना शुरू कर दिया था और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष हैं।

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने की थी जांच की मांग

    मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने त्रासदी के लिए उपराज्यपाल को निशाने पर लेने का प्रयास किया। सुरिंदर चौधरी ने तो मामले में एफआइआर दर्ज किए जाने की भी मांग की।

    वह सवाल उठा रहे हैं कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद यात्रा को क्यों नहीं रोका गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने त्रासदी के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।

    संबंधित अधिकारियों ने बताया कि समिति के गठन सिर्फ 26 अगस्त की घटना की जांच नहीं है बल्कि इसका उद्देश्य ट्रैक पर तीर्थयात्रियों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना और सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।