यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rajouri Encounter: जीवन रक्षक दवा, गर्म कपड़े, तिरपाल और जूते... मास्टर प्लान के साथ जंगल में रहने आए थे आतंकी
Rajouri Encounter लश्कर के आतंकी पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके शवों से बरामद जीवन रक्षक दवा गर्म कपड़े ...और पढ़ें

HighLights
- पिछले करीब एक माह से क्षेत्र में सक्रिय थे दोनों आतंकी
- दोनों के पास जीवन रक्षक दवा, गर्म कपड़े, तिरपाल व जूते भी बरामद
- आतंकियों ने आइइडी बनाने व उसे लगाने में महारत हासिल रखी थी।
गगन कोहली, राजौरी। राजौरी जिले के कालाकोट के बाजीमाल इलाके के जंगल में मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद गोलाबारूद के साथ अन्य साजो सामान को देखकर यह बात स्पष्ट है कि जंगल में रहने के लिए लश्कर के आतंकी पूरी तैयारी के साथ आए थे, लेकिन 19 नवंबर को यह दोनों आतंकी जैसे ही दरगाह पर आए तो वहां पर मौजूद कुछ लोगों ने उनका वीडियो बना लिया।
ये था आतंकियों का प्लान
इसके बाद यह साफ हो गया था कि दोनों आतंकी क्षेत्र में ही मौजूद है। यह दोनों आतंकी अपने साथ जीवन रक्षक दवा, गर्म कपड़े, बारिश से बचने के लिए तिरपाल, जूते आदि सब कुछ साथ लेकर आए थे। सूत्रों का कहना है कि अगर यह दोनों आतंकी मारे न जाते तो यह क्षेत्र में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देकर फिर से अपने ठिकाने पर पहुंचने की इन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी।
आइइडी बनाने व उसे लगाने में महारत हासिल

अब यह आदेश के इंतजार में थे कि कब सीमा पार से आदेश आए और हम अपनी कार्रवाई को अंजाम दे, लेकिन इससे पहले ही सुरक्षा बलों ने इन्हें मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों का कहना है कि मुठभेड़ में मारा गया आतंकी कारी लश्कर का कमांडर था और इसे कई तरह से हथियार चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त था। उसने आइइडी बनाने व उसे लगाने में महारत हासिल रखी थी।
बड़े आतंकी हमले की रणनीति
वह लंबे समय से राजौरी व पुंछ दोनों जिलों में सक्रिय था और क्षेत्र में दिन रात आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देर रहा था। यह दोनों आतंकी बाजीमाल के जंगल में लंबे समय तक रहने व क्षेत्र में बड़े आतंकी हमले की रणनीति के साथ आए थे।
हथियार के साथ मिला ये सामान
इस दोनों आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार तो मिले, लेकिन साथ कुछ ऐसा सामान मिला, जिसमें गर्म कपड़े जो सर्दी से बचने के लिए इन्होंने अपने साथ रखे हुए थे। इसके अलावा बारिश से बचने के लिए तिरपाल, घायल होने पर जीवन रक्षक इंजेक्शन व दवा भी इनके पास थी।
