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    Rajouri News: करोड़ों खर्च फिर भी ग्रामीणों को नहीं मिल रहा पीने का पानी, विभाग बेबस

    By Jagran NewsEdited By: Swati Singh
    Updated: Sun, 22 Jan 2023 08:02 PM (IST)

    राजौरी जिले के सुंदरबनी में दर्जनों जल शक्ति विभाग की योजनाएं बीच आधार में लटकी पड़ी हुई हैं। दर्जनों गांव में कई योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए फुकने के बाद भी जल शक्ति विभाग ग्रामीण अंचलों की प्यास बुझाने मैं नाकाम साबित हो गया है।

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    राजौरी जिले के सुंदरबनी में दर्जनों जल शक्ति विभाग की योजनाएं बीच आधार में लटकी पड़ी हुई हैं।

    सुंदरबनी, संवाद सहयोगी। राजौरी जिले के सुंदरबनी में दर्जनों जल शक्ति विभाग की योजनाएं बीच आधार में लटकी पड़ी हुई हैं। सुंदरबनी की भिन्न-भिन्न पंचायतों के दर्जनों गांव में कई योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए फुकने के बाद भी जल शक्ति विभाग ग्रामीण अंचलों की प्यास बुझाने मैं नाकाम साबित हो गया है।

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    कारण साफ है कि कार्य योजनाओं को सही तरीके से संबंधित विभाग और ठेकेदार संचालित करने में कोताही बरत रहे हैं। जिसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब आवाम को भुगतना पड़ रहा है।

    दर्जनों गांव में जल शक्ति विभाग द्वारा पानी टंकियां तो बना दी गई, लेकिन उन में पानी कहां से आएगा इस बात का ग्रामीणों की कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में जनता को स्वच्छ पेयजल देने की सरकार की अधिकतर योजनाएं विभागीय लापरवाही की भेंट चढ रही हैं। कई गांव में विभाग द्वारा बनाई गई पानी टंकियां शोपीस बनकर रह गई हैं। कई क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग की अनदेखी के चलते करोड़ों की लागत से बनी पुरानी विभाग की स्कीमें दम तोड़ रही हैं।

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    पानी की टंकियों की मरम्मत नहीं

    वर्षों से कई क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग द्वारा पानी टंकियों का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन वापिस उन टंकियों की सुध लेना विभाग भूल गया। भीषण गर्मी हो या सर्दी हर मौसम में दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बद से बदतर हो चुके हैं। सुंदरबनी की विभिन्न पंचायतों में आज करोड़ों के काम अधूरे पड़े हुए हैं बरसों पहले सुंदरबनी की पंचायत तला टांडा,चंगी कगरियाल के कुलडबी गांव व ठंडा पानी ,भजभाल आदि क्षेत्रों में करोड़ों रुपयों से पानी योजनाओं को स्वीकृति मिली थी। लेकिन हर दिन नई सुबह के साथ काम बरसों से अधूरे पड़े हुए हैं।

    ऐसे में ग्रामीण लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे करोड़ों लोगों के घरों में पाइपों के माध्यम से पानी पहुंचे इसके लिए बड़े पैमाने पर नल जल योजना शुरू की गई। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह योजनाएं उपजिले में अब दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

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    अधूरी लटकी योजनाएं

    अधूरी लटकी इन योजनाओं के कारण गर्मी हो या सर्दी हर मौसम में जिले के विभिन्न हिस्सों में लोग प्राकृतिक जल स्त्रोतों के माध्यम से कई किलोमीटर का लंबा सफर तय करके पीने का पानी ला रहे हैं। पंचायत तला टांडा के पंच सुनील कुमार पूर्व सरपंच कृष्ण लाल,कुलडबी गांव के पंच मनोज कुमार पंच महेंद्र कुमार ने बताया कि सुंदरबनी की पंचायत तला टांडा के तला मिडिल स्कूल व कुलडबी गांव के पास वर्षों पहले लाखों रूपए की लागत से बनी योजनाएं अब दम तोड़ चुकी हैं जिन स्कीमों से कुछ वर्ष पहले दर्जनों गांव पानी पीते थे। वर्तमान समय में पीएचई विभाग की वह योजनाएं कुछ ही मोहल्लों तक सीमित हो चुकी हैं।

    सुंदरबनी की अधिकतर पंचायतों के सरपंचों पंचों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल महोदय सहित जिला विकास आयुक्त राजोरी विकास कुंडल से मांग करते हुए सुंदरबनी की विभिन्न पंचायतों में दम तोड़ रही विभाग की इन स्कीमों को फिर से जीवित करने की मांग उठाई है। जिससे आने वाले गर्मी के इस मौसम में बूंद-बूंद पानी को तरस पर मजबूर होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सके।

    योजनाओं पर हो रहा काम

    जेई कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी रुकी पड़ी योजनाओं के कार्य बहुत जल्द शुरू किया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में बोरवेल निकाले गए थे जिनमें पानी नहीं आया ।अब उन क्षेत्रों में फिल्ट्रेशन प्लांट के कार्य शुरू किए।