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    कठुआ रेलवे स्टेशन पर जब बिना ड्राइवर के ही चलने लगी मालगाड़ी, यह देख लोगों में मचा हड़कंप; Viral Video

    By Agency Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Sun, 25 Feb 2024 11:25 AM (IST)

    कठुआ रेलवे स्टेशन (Kathua railway station) पर एक मालगाड़ी बिना ड्राइवर (Train without driver) के ट्रैक पर दौड़ने लगी। इसके चलने का कारण ढलान था। यह गाड़ी कठुआ से पंजाब के पठानकोट की तरफ बढ़ने लगी। कठुआ स्टेशन पर रुकी मालगाड़ी को पंजाब के मुकेरियां में ऊंची बस्सी के पास रोका गया। इस प्रकार से एक बड़ा हादसा टला। उच्च अधिकारियों ने अब इस मामले में जांच के आदेश दिए।

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    Kathua railway station: कठुआ रेलवे स्टेशन पर जब बिना ड्राइवर के ही चलने लगी मालगाड़ी। (फोटो-एएनआई)

    जागरण संवाददाता, पठानकोट। रविवार की सुबह कठुआ से एक डबल इंजन मालगाड़ी बिना ड्राइवर के ही ट्रैक पर दौड़ (Train Without Driver Viral Video) पड़ी।बात का जैसे ही स्टेशन अधीक्षक को पला तो उसने तुरंत प्रभाव से कंट्रोल को सूचित करने के बाद ट्रैक पर गुटके, चेन व पत्थर लगाने के लिए कर्मियों को कहा।परंतु ढलान होने की वजह से एक दम से मालगाड़ी स्पीड में हो गई।जिसके बाद माधोपुर, सुजानपुर, भरोली, पठानकोट कैंट, मुकेरियां आदि स्टेशन मास्टरों को लाइन क्लीयर करने का आदेश जारी हो गया।

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    सिग्नल मिलने के बाद मालगाड़ी सभी स्टेशनों पर बिना किसी रुकावट के दौड़ती गई।कठुआ से मालगाड़ी सुबह करीब 7:10 बजे यह मालगाड़ी निकली जिसे करीब 9:15 बजे ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया।गणीमत रहा कि उस समय मालगाड़ी के आगे कोई ट्रेन नहीं चल रही थी, वरना बड़ा हादसा घटित हो सकता था।इतना ही नहीं रेलवे द्वारा कठुआ-पठानकोट के बीच कई स्थानों पर ट्रेन की गति सीमा 20 से 30 किलोमीटर निर्धारित की गई है।

    लेकिन, ट्रेन उक्त स्थानों पर भी 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी।इसी बीच ऊंची बस्सी स्टेशन के पास ट्रैक की ऊंचाई होने की वजह से स्पीड कम होने की वजह से वह रुक गई।रेलवे की और से माैके पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को भी भेजा गया।घटना के चलते वंदे भारत सहित करीब आधा दर्जन ट्रेनें देरी से चलने के कारण यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    घटना का पता चलने पर ऊंची बस्सी और कठुआ रेलवे स्टेशनों पर मंडल के उच्चाधिकारियों ने पहुंच कर स्थिति का जायजा लेने के पश्चात जांच शुरु कर दी है।फिहलाल, रेलवे अधिकारी किसकी गलती से यह घटना हुई पर बोलने को तैयार नहीं है।

    जानकारी के अनुसार पठानकोट से करीब 24 किलोमीटर पहले कठुआ रेलवे स्टेशन पर डबल इंजन मालगाड़ी जो कि पत्थर (ट्रैक पर बिछाई जाने वाली गीटियां)लेकर खड़ी थी।करीब सात बजे अचानक से ट्रेन हिली और धीरे-धीरे चलना शुरु हो गई।बात का पता चलने पर रेलवे कर्मियों ने ट्रैक पर छोटे पत्थर लगाए लेकिन, ढलान होने की वजह से मालगाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली।

    कठुआ और माधोपुर रेलवे स्टेशनों के बीच ढलान की वजह से ट्रेन ने रफ्तार पकड़ ली।बताया जा रहा है कि इन स्टेशनों के बीच मालगाड़ी करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर थी।कठुआ स्टेशन मास्टर द्वारा सूचित करने के बाद माधोपुर से ट्रेन को सिग्नल क्लीयर करने के लिए कहा गया।

    माधोपुर और सुजानपुर के बीच ऊंचाई हाेने की वजह से स्पीड कम हो गई परंतु ट्रेन नहीं रुक पाई।सुजानपुर से भरोली स्टेशन के बीच तीन-चार स्थानों पर करव है।जहां ट्रेन को 20 से 40 किलोमीटर के बीच ही चलाया जाता हैं।जहां तक कि वंदे भारत ट्रेन भी वहां इतनी स्पीड से निकलती हैं।

    परंतु मालगाड़ी वहां भी 110 से ज्यादा स्पीड पर निकली।जिसके बाद आगे के सभी स्टेशन मास्टरों को ट्रेन को सिग्नल क्लीयर देने के लिए कहा गया।करीब 8:50 बजे मालगाड़ी ऊंची बस्सी पहुंची जहां पर ट्रेन की स्पीड करीब 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा हो चुकी थी के आगे वखबा (डिस्टेंस) देकर ट्रैक पर पत्थर लगाए गए थे जहां ट्रेन रुक गई।

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    पहली बार इतनी तेज गति से दौड़ती देखी मालगाड़ी

    इसी बीच भरोली जंक्शन के पास सैर कर रहे प्रबोध चंद्र, कुलदीप कुमार, जोध राज, सचिव वालिया व साहिल शर्मा ने बताया कि आज तक मालगाड़ी को इतनी स्पीड से ट्रैक पर दौड़ते नहीं देखा है।कहा कि भरोली जंक्शन पर तो वंदे भारत भी 15 की स्पीड से गुजरती है।परंतु मालगाड़ी 110 से भी ज्यादा स्पीड से गुजरी।कहा कि एेसा लग रहा था कि ट्रेन अभी गिरी तो अभी गिरी।

    भरोली जंक्शन के पास डी-रेल होने की बनी थी संभावना

    बता दें कि कठुआ-पठानकोट के बीच भरोली जंक्श्न स्टेशन पर ट्रेन की गति सीमा 20 निर्धारित की गई हैं।क्योंकि, वहां पर करव ज्यादा है।परंतु ट्रेन वहां भी 110 की स्पीड़ से निकली।रेलवे अधिकारियों की माने तो लोड मालगाड़ी भरोली जंक्शन से पहले ही करव पर डी-रेल हो सकती थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।जिसके बाद लगा कि कोई बड़ा हादसा घटित न हो जाए।

    रेल यातायात भी हुआ प्रभावित

    मालगाड़ी के बिना ड्राइवर ट्रैक पर दौड़ने से जहां बड़ा हादसा होते-होते बचा, वहीं रेल यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला।जिसके चलते पठानकोट से जालंधर जाने वाली पैसेंजर सुबह 8:30 की बजाय 9:20 बजे चली।कटड़ा से चलने वाली वंदे भारत भी करीब एक घंटा लेट रही।वाराणसी-जम्मूतवी तथा सच्चखंड एक्सप्रेस भी प्रभावित हुई।जिस कारण यात्रियों को परेशानियां का सामना करना पड़ा।

    उधर, कठुआ रेलवे स्टेशन पर पहुंचे डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर (जम्मूतवी)प्रतीक श्रीवास्तव ने कहा कि वह सभी अधिकारियों व मालगाड़ी के ड्राइवर से बात कर रहे हैं।अभी एक दम में किसकी गलती कहना मुश्किल है।लेकिन,जो कोई भी इसमें दोषी पाया जाता है उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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