जम्मू, राज्य ब्यूरो। प्रदेश भाजपा सचिव विक्रम रंधावा पार्टी आज अनुशासन समिति के समक्ष पेश होकर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित सबूत पेश करेंगे।। हालांकि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने भी रंधावा को कानूनी नोटिस भेजा है। उनके वकील जीवीश नागरथ ने कहा है कि नोटिस में यह स्पष्ट लिखा गया है कि रंधावा या तो डॉ जितेंद्र सिंह पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को सिद्ध करें या फिर सार्वजनिक तौर पर उनसे माफी मांगे।

वहीं पूर्व एमएलसी और प्रदेश सचिव विक्रम रंधावा ने कहा कि मुझे पार्टी का नोटिस मिला है, लेकिन डॉ जितेंद्र सिंह का कानूनी नोटिस नहीं। मैंने इसेे इंटरनेट मीडिया पर ही देखा है। मैं 26 साल से भाजपा का सिपाही हूं। मैंने खनन में हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया है। मेरी डॉ जितेंद्र सिंह से कोई निजी रंजिश नहीं है। आज मैं अनुशासन समिति और प्रदेशाध्यक्ष के समक्ष हाजिर रहूंगा। अपना पक्ष सुनाऊंगा। डॉ सिंह से भी पार्टी बात करेगी। पार्टी ही इस मामले में अंतिम फैसला लेगी।

रंधावा की पत्रकारवार्ता के बाद भाजपा की साफ छवि को पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश भाजपा भी जुट गई है। हालांकि कांग्रेस और पैंथर्स पार्टी ने इसे तूल देते हुए डा सिंह के इस्तीफे की मांग पर जोर देना शुरु कर दिया है।

इसी मुद्​दे को लेकर गत मंगलवार को भी पूरा दिन प्रदेश भाजपा मुख्यालय और कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं के घरों में बैठकों का दौर चलता रहा। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता अपने-अपने स्तर पर मामले को जल्द हल करने के प्रयास में दिन भर डॉ जितेंद्र सिंह और पूर्व एमएलसी व प्रदेश सचिव विक्रम रंधावा के साथ संवाद बनाए रखने में व्यस्त रहे। आपको बता दें कि विक्रम रंधावा ने गत साेमवार काे एक पत्रकार वार्ता में केंद्रीय मंत्री डा जितेंद्र सिंह पर खनन माफिया के साथ सांठ-गांठ और जम्मू में दलाली का अड्डा बनाने का आराेप लगाया था।

प्रदेश सचिव के आरोपों के बाद से ही प्रदेश भाजपा में हड़कंप मचा हुआ है। इसे भाजपा में गुटबंदी के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष भी इसके बाद से हमलावर हो गया है। स्थिति को संभालने के प्रयास में हालांकि भाजपा की अनुशासन समिति ने रंधावा को सोमवार शाम को ही नोटिस जारी कर दिया था। मंगलवार को भी भाजपा की कोर समिति की बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई है। इसमें प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना, संगठन महामंत्री अशोक कौल, सांसद जुगल किशोर शर्मा, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता व अन्य कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। रंधावा को आज अपना पक्ष रखने के लिए बुलाय गया है। प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र रैना ने कहा कि विक्रम रंधावा ने पहले यह मामला पार्टी के नोटिस में लाना चाहिए था, उन्होंने अनुशासन को तोड़ा है। आज वह अपना पक्ष रखेंगे। उसके बाद ही उनका फैसला होगा।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री डाॅ जितेंद्र सिंह की तरफ से उनके वकील जीवीश नागरथ ने प्रदेश भाजपा सचिव को कानूनी नाेटिस भेज दिया है। नोटिस में कहा गया है कि डॉ सिंह भारत के एक सम्मानित नागरिक और बेदाग छवि वाले नेता हैं। उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए निराधार आरोप लगाए गए हैं। डॉ सिंह 2014 में पहली बार उधमपुर-डोडा से सांसद चुने गए थे। उनके काम को देखते हुए ही 2019 में इस क्षेत्र के लोगों ने उन्हें अपना सांसद दोबारा बनाया। वह इस समय पीएमओ में राज्यमंत्री हैं। नोटिस में विक्रम रंधावा को डॉ सिंह पर लगाए गए आरोपों को तत्काल वापस लेने व सार्वजनिक क्षमा याचना करने को कहा गया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ एक करोड़ रुपये का मानहानि का मामला दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।

भाजपा के प्रदेश सचिव द्वारा केंद्रीय मंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस और पैंथर्स पार्टी भी भाजपा पर पूरी तरह हमलावर हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष जीए मीर और पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि भाजपा के भ्रष्टाचार की पोल उसके ही एक नेता ने खोल दी है। डॉ जितेंद्र सिंह को अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। प्रदेश प्रशासन को भाजपा नेता के आरोपों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव सिंह ने पूर्व एमएलसी चौधरी विक्रम रंधावा के आरोपों को गंभीर बताते हुए कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के प्रांतीय प्रधान मंजीत सिंह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से आग्रह किया है कि पुलिस, प्रशासन और खनिज माफिया के बीच साठगांठ की जांच करवाई जानी चाहिए। अपनी पार्टी ने खनिज माफिया के खिलाफ पहले भी संघर्ष किया है और आगे भी जारी रखेगी। चूंकि आरोप केंद्रीय मंत्री पर भी लगाए गए है इसलिए जांच जरूरी है। 

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