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    Jammu Kashmir News: पर्यटकों की बढ़ रही संख्या आतंकियों को नहीं आ रही रास, शांत क्षेत्रों को अशांत करने का षड्यंत्र

    Updated: Mon, 24 Jun 2024 07:40 AM (IST)

    बीते दिनों जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमले हुए और कई जगहों पर संदिग्धों की दिखने की भी पुष्टि हुई। जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की बढ़ती संख्या आतंकियों को रास नहीं आ रही है। आतंकी जम्मू संभाग के पर्यटन क्षेत्र को अशांत करने की फिराक में हैं। रियासी भद्रवाह और कठुआ में आतंकी हमले के बाद पत्नीटाप में संदिग्धों का दिखना इसी षड्यंत्र का हिस्सा है।

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    जम्मू संभाग में पर्यटकों का बढ़ना आतंकियों को नहीं आ रहा रास

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। कठुआ के पहाड़ी क्षेत्र बनी क्षेत्र में संदिग्धों का दिखाना, इसके बाद शिवखोड़ी के श्रद्धालुओं पर आतंकी हमला व मिनी कश्मीर भद्रवाह और कठुआ में आतंकी मुठभेड़ और अब रविवार को पर्यटन स्थल पत्नीटाप में संदिग्ध दिखना...यह सब जम्मू संभाग के पर्यटन को प्रभावित करने का आतंकी षड्यंत्र है।

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    यह वह शांत क्षेत्र हैं, जहां पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जम्मू संभाग के इन्हीं क्षेत्रों में आतंकी पर्यटन ढांचे को तोड़ने का षड्यंत्र रच रहे हैं। इस माह जम्मू संभाग में आतंकियों ने जिन क्षेत्रों में हमले किए और अपनी गतिविधियां बढ़ाईं वह पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहे हैं।

    रियासी, डोडा और कठुआ में हुआ था हमला

    रियासी जिले में नौ जून को शिवखोड़ी के श्रद्धालुओं की बस पर आतंकियों ने हमला किया था। इसमें बस के चालक समेत नौ लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में अधिकतर उत्तर प्रदेश के थे। इसके बाद मिनी कश्मीर के नाम से विख्यात डोडा जिले के भद्रवाह में मुठभेड़ हुई।

    अब कई पर्यटक स्थलों पर लोगों को संदिग्ध दिखे हैं। हालांकि, यह तो नहीं कहा जा सकता कि यह आतंकी ही थे, इसके बावजूद पहले कठुआ जिले के बनी और अब ऊधमपुर जिले के पत्नीटाप में संदिग्ध दिखे।

    कुछ महीने पहले ऊधमपुर जिले के ही एक और पहाड़ी क्षेत्र डुडु-बसंतगढ़ में भी आतंकियों ने हमला किया था। इस क्षेत्र में भी कुछ वर्ष से पर्यटक जा रहे हैं। आतंकियों ने कश्मीर के पहलगाम में जयपुर के दो पर्यटकों को भी गोली मार कर घायल कर दिया था।

    पिछले दो सालों में जम्मू-कश्मीर में आए रिकॉर्ड पर्यटक

    बीते दो वर्ष में कश्मीर में रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं। जम्मू संभाग में भी ऐसी ही स्थिति है। श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जहां करीब एक करोड़ श्रद्धालु प्रति वर्ष आते हैं तो शिवखोड़ी में भी 10 से 12 लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। 2023 में भद्रवाह में भी पांच लाख से अधिक पर्यटक गए थे।

    जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2022 में एक करोड़ 88 लाख पर्यटक आए थे जबकि वर्ष 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 2.10 करोड़ हो गई थी। सरकार जम्मू संभाग में बनी, सुचेतगढ़, सरथल, पंचैरी, रनसू, बुद्धल जैसे कई क्षेत्रों को पर्यटन के रूप में विकसित कर रही है।

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    शांत क्षेत्रों को अशांत करने का षड्यंत्र

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जम्मू संभाग में पर्यटकों का बढ़ना आतंकियों को रास नहीं आ रहा है। इसलिए उन्होंने इन शांत क्षेत्रों को अशांत करने का षड्यंत्र रचा है।

    दरअसल, जब यहां पर देश-विदेश के पर्यटक आते हैं तो वे वापस जाकर जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और खुशहाली का संदेश देते हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। यही आतंकियों को अखर रहा है।

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