यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कश्मीर में छह युवक आतंकी संगठन में शामिल, पुलिस पुष्टि करने से बच रही
छह युवकों में दो जिला बडग़ाम में चरार-ए-शरीफ के हैं। जबकि तीन अन्य पुलवामा और एक जिला शोपियां का रहने ...और पढ़ें

जम्मू, नवीन नवाज। कश्मीर में एक माह में रहस्यमय हालात में लापता हुए इंजीनियरिंग के दो छात्रों और एक पुलिसकर्मी के पुत्र समेत छह युवकों के आतंकी संगठनों में शामिल होने की आशंका है। इनमें दो युवकों का संबंध प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आतंकियों से रहा है। पुलिस अधिकारी इन युवकों के आतंकी बनने की पुष्टि से बचते हुए कह रहे हैं कि इनका पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि स्थानीय युवकों द्वारा आतंकी बनने पर जिस तरह से सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल की जाती हैं, वैसा अभी तक इन छह युवकों में से किसी ने नहीं किया है। इनके आतंकी बनने की पुष्टि भी नहीं की जा सकती, लेकिन हम किसी भी संभावना को नहीं नकार सकते।
जनवरी में लापता हुए ये सभी युवक
छह युवकों में दो जिला बडग़ाम में चरार-ए-शरीफ के हैं। जबकि तीन अन्य पुलवामा और एक जिला शोपियां का रहने वाला है। इन युवकों का पता लगाने के लिए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी ने बताया कि बडग़ाम में 24 वर्षीय आदिल अहमद गनई गत शुक्रवार को गायब है, जबकि उससे पहले मंगलवार को आजाद अहमद लापता हुआ था। ये दोनों हरदु दलवान इलाके के रहने वाले हैं। इनके घर से कुछ ही दूरी पर 21 जनवरी को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में अलबदर के तीन आतंकियों को मार गिराया था। आशंका है कि ये दोनों आतंकी संगठनों के साथ जुड़ चुके होंगे। पुलवामा से लापता हुए तीन युवकों में शामिल इमरान अहमद बट 26 जनवरी को खुनमोह इलाके में मारे गए जैश आतंकी साकिब शफी डार का चचेरा भाई है। अरिहाल का इमरान अपने चचेरे भाई साकिब के मारे जाने से एक सप्ताह पहले लापता हुआ था। वहीं पुलवामा के नारबल काकपोरा का रहने वाला बिलाल अहमद करीब एक सप्ताह पहले गायब हुआ है। वह डिग्री कॉलेज पुलवामा में बीए का छात्र था। उसके पिता पेशे से बढ़ई हैं। एक अन्य लापता नवीद हुसैन टाक के पिता राज्य पुलिस में कांस्टेबल हैं। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम में स्थित मास्टर प्रो. इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग का छात्र नवीद हुसैन 19 जनवरी से गायब है। उसके चाचा बिलाल अहमद के अनुसार, नवीद की दादी श्रीनगर के छन्नपोरा स्थित फलोरेंस अस्पताल में उपचाराधीन थी। नवीद दादी से मिलने निकला और गायब हो गया। उसके लापता होने की रपट लस्सीपोरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
पुलिस हर पहलु पर बारिकी से कर रही जांच
पुलिस विभाग के जांच अधिकारियों ने बताया कि नवीद सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा है। फेसबुक पर उसके कुछ आपत्तिजनक पोस्ट के आधार पर मई 2018 में पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई भी की थी। वह मल्हूरा शोपियां के रहने वाले आतंकी बुरहान कोका का करीबी दोस्त था। बुरहान कोका कश्मीर में अल-कायदा की आवाज बने अंसार उल गजवाए हिंदू का नामी आतंकी और जाकिर मूसा का खास है। नवीद के तीन भाई और एक बहन है। उसके बड़े भाई ने हाल ही में कश्मीर विश्वविद्यालय में कैमिस्ट्री में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। शोपियां में अवनीरा जेनपोरा का शाकिर अहमद वागे भी दिसंबर के दौरान लापता हुआ है। जेनपोरा में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज है। श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र परिहासपोरा में एसएसएम कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा शाकिर कभी भी ङ्क्षहसक प्रदर्शनों में लिप्त नहीं रहा है। स्थानीय पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। उसके पिता सिंचाई विभाग में एक वरिष्ठ पद से रिटायर हुए हैं। शाकिर के छह भाई और दो बहने हैं। दो भाई सरकारी कर्मचारी हैं।
150 स्थानीय युवक आतंकी बने : जुलाई 2016 में आतंकी बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में स्थानीय युवकों के आतंकी बनने के मामले बहुत बढ़े हैं। तब से लेकर अब तक 150 स्थानीय युवकों ने आतंकवाद का रास्ता चुना है।
