यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Seabuckthorn Get GI Tag: लद्दाख के सीबकथोर्न फल को मिला जीआई टैग, देश-विदेशों में मिलेगा अलग पहचान
लद्दाख में पाए जाने वाले सीबकथोर्न फल को अब देश-विदेश में एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। सीबकथार्न फल के लिए लद्दाख ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख में पाए जाने वाले सीबकथोर्न फल (Seabuckthorn fruit ) को अब देश-विदेश में एक विशिष्ट पहचान मिलेगी। सीबकथार्न फल के लिए लद्दाख को चौथा जीआइ टैग (भौगोलिक संकेतक) मिला है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय ने श्रेणी 31 के तहत लद्दाख उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को लद्दाख सीबकथार्न के लिए पंजीकृत मालिक के रूप में मंजूरी दी है। इससे पहले लद्दाख पश्मीना, खुबानी (रक्तसे कारपो प्रजाति) व लद्दाखी लकड़ी की नक्काशी को भी जीआई टैग मिल चुका है।
लद्दाख के फल को मिला जीआई टैग
ऐसे में सीबकथार्न लद्दाख का दूसरा फल है जिसे जीआई टैग के रूप में विशिष्ट पहचान मिल रही है। इस समय लद्दाख में पाए जाने वाले सीबकथार्न फल को बढ़ावा देने के लिए प्रयास हो रहे हैं। इस फल से जूस व अन्य उत्पाद तैयार करने के लिए स्थानीय उद्यमियों को भी सहयोग दिया जा रहा है।
पर्यटन को बढ़ावा देने पर किया जा रहा काम
दिल्ली में 24 नवंबर से शुरू हो रही सात दिवसीय लद्दाख फोटो प्रदर्शनी में जीआई टैग हासिल करने वाले लद्दाखी उत्पादों की फोटो के साथ लद्दाखी सीबकथार्न फल के फोटो भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इस फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जीआई टैग हासिल करने वाले लद्दाखी उत्पादों को प्रोत्साहन देने के साथ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
इस फोटो प्रदर्शनी में लेह स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद को आल इंडिया फाइन आर्ट एंड क्राफ्ट सोसायटी सहयोग दे रही है। बुधवार को लेह में परिषद के मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन की अध्यक्षता में बैठक में फोटो प्रदर्शनी तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया।
