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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू में चार हिंदुओं की हत्या: काला पठानी सूट पहने थे तीनों आतंकी, हमले के बाद जंगल में छिपे

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Avinash
Published: Mon, 02 Jan 2023 08:24 AM (IST)Updated: Mon, 02 Jan 2023 08:36 AM (IST)

Rajouri terror attack राजौरी हमले में शामिल आतंकी पहले से ही जंगल में छिपे हुए थे। रविवार को शाम होते ...और पढ़ें

जम्मू में चार हिंदुओं की हत्या: काला पठानी सूट पहने थे तीनों आतंकी, हमले के बाद जंगल में छिपे
जम्मू में चार हिंदुओं की हत्या: काला पठानी सूट पहने थे तीनों आतंकी, हमले के बाद जंगल में छिपे

राजौरी, जागरण डेस्क। Rajouri terror attack: राजौरी के ढांगरी गांव में हिंदू परिवारों को निशाना बनाने के विरोध में विभिन्न संगठनों ने सोमवार को राजौरी बंद करने का एलान किया है। सनातन धर्मसभा के अध्यक्ष राजू दत्ता ने कहा कि हिंदुओं को निशाना बनाने की साजिश है और इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमले के विरोध में हम सोमवार को सभी बाजार बंद रखेंगे और इस साजिश के विरोध में जोरदार प्रदर्शन होगा।

हमले के विरोध में आज बंद रहेगा राजौरी

भाजपा ने बंद का एलान किया है। भाजपा जिला अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि सोमवार को राजौरी बंद रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इन आतंकियों को ढेर करने की मांग की ताकि मासूमों की मौत का बदला लिया जा सके। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता नवीन महाजन ने कहा कि सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

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काला पठानी सूट पहने थे तीनों आतंकी, जंगल में छिपे

राजौरी हमले में शामिल आतंकी पहले से ही जंगल में छिपे हुए थे। रविवार को शाम होते ही आतंकी ढांगरी गांव के ऊपर कोटरंका के घने जंगल से बाहर आए और वारदात को अंजाम देकर फिर से जंगल में छिप गए। ग्रामीणों के अनुसार आतंकियों की संख्या तीन थी और तीनों ने काले रंग के पठान सूट डाल रखे थे और लाल रंग के बैग टांगे हुए थे।

आतंकियों ने पूछ-पूछ कर हिंदुओं के घरों में लोगों पर गोलाबारी की और वहां से भाग गए। कोटरंका पहले भी आतंकियों का गढ़ रह चुका है। अब फिर से इसी क्षेत्र में हमला कर यह साबित कर दिया है कि जंगल में अभी भी आतंकी ठिकाने मौजूद है। गांव के पास ही काफी घना जंगल है और इस जंगल का प्रयोग पहले आतंकी नियंत्रण रेखा से कश्मीर तक आने-जाने के लिए करते आए हैं। अब फिर से आतंकियों ने इसी जंगल से आकर नरसंहार कर दिया और आतंकी वहां से भागने में सफल हो गए।

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चार घंटे तक बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे सुध लेने

राजौरी में इतने बड़े नरंसहार के बावजूद चार घंटे तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी लोगों की सुध लेने नहीं पहुंचा। मेडिकल कालेज अस्पताल में अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल था। इस पर लोगों का गुस्सा भड़क गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

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