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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajni Bala Killing : रात को तबादले का पता चला, सुबह आंतकियों ने कर दी हत्या

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Wed, 01 Jun 2022 07:59 AM (IST)

पत्नी का शव लेकर जम्मू संभाग के सांबा जिले के नानकेचक स्थित अपने निवास पहुंचे राज कुमार ने बताया कि ...और पढ़ें

अगर यह आदेश एक दिन पहले मिल जाता तो शायद रजनी बाला की जान बच जाती।
अगर यह आदेश एक दिन पहले मिल जाता तो शायद रजनी बाला की जान बच जाती।

सांबा, निश्चंत सिंह : आतंकी क्रूरता का निशाना बनीं अध्यापिका रजनी बाला भी कश्मीर में पिछले दिनों से हो रही टारगेट किलिंग से काफी चिंतित और भयभीत थीं। वह अपने पति व बच्ची के साथ किसी सुरक्षित स्थान पर जाना चाहती थीं। रजनी कुलगाम के गोपालपोरा में हाईस्कूल में तैनात थीं। उनके पति राजकुमार भी सरकारी अध्यापक हैं और वह गोपालपोरा से कुछ ही दूरी पर स्थित गर्वनमेंट मिडिल स्कूल मिरहामा में तैनात हैं।

राजकुमार ने गुहार लगाई थी कि अगर उनका तबादला कहीं और नहीं हो सकता तो उन दोनों को कुलगाम में ही किसी एक ही स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाए। लंबे इंतजार के बाद सोमवार रात को उन्हें पता चला कि दोनों का कुलगाम के ही चवलगाम स्थित सरकारी स्कूल में तबादले का आदेश हो गया है, मंगलवार सुबह आर्डर की कापी मिलना बाकी है। इससे रात को दोनों पति-पत्नी खुश थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि अगली ही सुबह क्या होने जा रहा है। सुबह दोनों पति-पत्नी तैयार होकर अपने-अपने स्कूल के लिए निकले, लेकिन रजनी की स्कूल के बाहर ही आतंकियों ने हत्या कर दी। अगर यह आदेश एक दिन पहले मिल जाता तो शायद रजनी बाला की जान बच जाती।

गत मंगलवार शाम को कुलगाम से पत्नी का शव लेकर जम्मू संभाग के सांबा जिले के नानकेचक स्थित अपने निवास पहुंचे राज कुमार ने बताया कि उन्होंने कई बार कुलगाम जिला के मुख्य शिक्षा अधिकारी से गुहार लगाई थी कि उन दोनों की तैनाती एक ही स्कूल में कर दी जाए, परंतु वह नहीं माने थे। उसके बाद उन्होंने शिक्षा विभाग के निदेशक से गुजारिश की थी और उन्होंने दोनों की तैनाती एक स्कूल में कर दी, लेकिन सुबह रजनी की हत्या कर दी गई।

रजनी बाला अनुसूचित जाति वर्ग के कोटे से 2009 में नियुक्त हुई थीं। दोनों की 14 साल की एक बेटी सना अत्री है, जो कुलगाम के ही एक निजी स्कूल में आठवीं में पढ़ती है। यह परिवार कुलगाम में ही एक किराये के मकान में रहता था। रजनी बाला पिछले पांच साल से इस स्कूल में तैनात थीं और विद्यार्थियों के साथ उनका काफी लगाव था।