यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir Election: राहुल गांधी का जम्मू-कश्मीर दौरा टला, विधानसभा चुनाव को लेकर बनानी थी रणनीति
जम्मू कश्मीर में चुनावी बिगुल फूंक चुका है। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारी तेज कर दी ...और पढ़ें

HighLights
- जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर तीन चरणों में होगें चुनान।
- राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का जम्मू-कश्मीर दौरा टला।
- नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से भी करना था मुलाकात।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में आइएनडीआई गठबंधन में असमंजस के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दो दिन के दौरे पर बुधवार को जम्मू आने वाले थे लेकिन उनका दौरा फिलहाल टल गया है।
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे श्रीनगर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक भी करने वाले थे। कांग्रेस को उम्मीद है कि नेकां के साथ गठबंधन का रास्ता साफ हो जाएगा।
उमर भी दे चुके है गठबंधन का संकेत
बता दें कि कांग्रेस नेकां के साथ चुनाव से पहले गठजोड़ के सूत्र तलाश रही है। राहुल और खरगे का यह दौरा ऐसे समय होना था जब नेकां पहले ही एलान कर चुकी है कि पहले चरण की अधिसूचना जारी होने के साथ वह अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। हालांकि, उमर भी गठबंधन का संकेत दे चुके हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन में आ गया था दरार
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, नेकां और पीडीपी ने गठबंधन का एलान किया था, पर चुनाव आते-आते कश्मीर की तीन सीटों पर नेकां और पीडीपी आमने-सामने हो गए थे। अलबत्ता, कांग्रेस को जम्मू की दोनों सीटों पर इन दलों का समर्थन मिला था। इसके बदले में कांग्रेस ने कश्मीर में नेकां का समर्थन किया था। फिलहाल, विधानसभा चुनाव में आइएनडीआईए की घटक पीडीपी किसी भी चर्चा में अब तक शामिल नहीं है।
नेकां के साथ गठबंधन सरकार में रह चुकी है कांग्रेस
जम्मू-कश्मीर में साल 2008 में नेकां-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनी थी। तब उमर अब्दुल्ला छह साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। तब राहुल गांधी के कहने पर उमर अब्दुल्ला ही छह साल तक मुख्यमंत्री रहे थे। हालांकि, उस समय प्रदेश कांग्रेस तीन-तीन साल के लिए अपना-अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी।
भाजपा के खिलाफ कांग्रेस आपसी सोच मिलने वाली किसी भी पार्टी से गठबंधन कर सकती है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ इस संबंध में बातचीत हो रही है। हाल ही हुए लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस व नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठजोड़ हुआ था। हालांकि, पीडीपी व नेकां के बीच सहमति नहीं बनी थी, लेकिन पीडीपी ने कांग्रेस का साथ दिया था।
-तारिक हमीद करा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस
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