यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jammu Kashmir Elections: कौन हैं सुहेल बुखारी? विधानसभा चुनाव से पहले महबूबा मुफ्ती को दिया झटका, पीडीपी को कहा अलविदा
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव से पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को झटका लगा है। दरअसल उनके करीबी सोहेल बुखारी ...और पढ़ें

HighLights
- विधानसभा चुनाव से पहले महबूबा मुफ्ती के करीबी ने दिया झटका
- पीडीपी के नेताओं में विरोध, बढ़ने लगीं मुश्किलें
- प्रमुख प्रवक्ता सुहेल अहमद बुखारी ने पार्टी छोड़ी
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव की तारीखों की एलान के बाद सियासी हलचल जारी है। अब इस बीच पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता सुहेल बुखारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस बात की जानकारी उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को दी है।
हालांकि, इस बारे में उन्होंने आगे कुछ नहीं बताया है। ऐसा माना जा रहा है कि बुखारी जाहिर तौर पर चुनाव लड़ने का जनादेश नहीं दिए जाने से नाराज थे। उन्हें वगूरा-क्रीरी से चुनाव लड़ने की उम्मीद थी, लेकिन पिछले महीने पूर्व मंत्री बशारत बुखारी के पीडीपी में वापस आने से उनके टिकट मिलने की संभावना कम हो गई।
पत्रकार से नेता बने बुखारी पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के करीबी सहयोगी थे और जब वे मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने उनके सलाहकार के तौर पर भी काम किया था।
पीडीपी के सामने अस्तित्व बचाने की लड़ाई
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्षरत पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशियों की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टिकट कटने से आशंकित कई वरिष्ठ नेताओं ने और पूर्व विधायकों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है।
पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता सुहेल बुखारी समेत दो वरिष्ठ नेताओं से संगठन से किनारा कर लिया है। एक पूर्व विधायक भी अपना अलग रास्ता तलाश रहे हैं जबकि पाटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल रहमान वीरी भी अपने लिए नया विकल्प तलाशने लगे हैं।
इस बीच, पूर्व मंत्री अब्दुल हक खान ने मंगलवार को फिर से पीडीपी की राजनीति में सक्रिय होने का एलान किया है। वह बीते तीन वर्षों से पीडीपी से दूरी बनाए हुए थे। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए विशेषकर पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के लिए जम्मू कश्मीर में अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है।
महबूबा की जगह बेटी इल्तिजा लड़ेंगी चुनाव
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में जीतना पीडीपी के लिए बहुत जरूरी हो चुका है। इसके लिए हर कदम फूंक फूंक कर रखी महबूबा मुफ्ती के लिए मुश्किलें कम नहीं हो रही है। वह खुद चुनाव नहीं लड़ रही हैं और उन्होंने इस बार अपनी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को मैदान में उतारने का संकेत दिया।
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उन्होंने लगभग 16 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त किए हैं और इसके बाद पार्टी में असंतोष उभर आया है।
वाची के पूर्व विधायक एजाज मीर ने कहा, "जिस तरह से जैनपोरा से गुलाम मोहिउद्दीन वानी को टिकट देने की चर्चा है और उन्हें संबधित क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया है। यह सही नहीं है। मैं इस क्षेत्र का विधायक रह चुका हूं और मुझे जरुर पूछा जाना चाहिए था। पार्टी अगर अपना निर्णय नहीं बदलेगी तो मुझे भी अपना रास्ता अलग चुनना पड़ेगा।"
बीजबेहाड़ा से चार बार विधायक रह चुके पूर्व मंत्री अब्दुल रहमान वीरी भी अनंतनाग पूर्व विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाए जाने से नाखुश हैं। वह बीजबेहाड़ा से ही चुनाव लड़ने के मूड में हैं। हालांकि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कोई नाराजगी व्यक्त नहीं की है,लेकिन वह किसी से बात नही कर रहे हैं।
बीजबेहाड़ा से इस बार इल्तिजा मुफ्ती को टिकट दिए जाने की चर्चा है। पीडीपी की कश्मीर इकाई में सिख समुदाय का चेहरा कहे जाने वाले सरदार हरबख्श सिंह ने भी आज इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अवामी इत्तेहाद पार्टी का दामन थाम लिया है।
उन्होंने कहा कि मुझे यकीन दिलाया जा रहा था कि त्राल से टिकट दिया जाएगा और अब ऐसा नहीं हो रहा है। मुझे बताया भी नहीं गया और फैसला हो गया । पार्टी में बीते तीन चार माह से आंतरिक लोकतंत्र को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। इसलिए अब पीडीपी को छोड़ने का फैसला किया है।
कांग्रेस या अवामी इत्तेहाद पार्टी में शामिल होंगे बुखारी
पीडीपी के प्रमुख प्रवक्ता सुहेल अहमद बुखारी ने भी पीडीपी से आज इस्तीफा दे दिया। उनके कांग्रेस या अवामी इत्तेहाद पार्टी में जाने की चर्चा है। सुहेल बुखारी ने अपने इस्तीफे को लेकर ज्यादा बातचीत नही की,लेकिन यह जरुर कहा कि संगठन में अब कर्मठ कार्यकर्ताओं के बजाय अवसरवादियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सुहेल बुखारी को उत्तरी कश्मीर मे जिला बारामुला के वागूरा-करीरी से चुनाव लड़ाने की तैयारी थी। वह इस क्षेत्र में लगातार जन संपर्क अभियान में जुटे हुए थे और बीते कुछ दिनों से उनके स्थान पर पूर्व मंत्री सैयद बशारत बुखारी को उम्मीदवार बनाने की चर्चा हो रही है।
बशारत बुखारी ने भी 2020 में पीडीपी छोड़ पहले अपनी पार्टी उसके बाद नेशनल कान्फ्रेंस और पीपुल्स कान्फ्रेंस का दामन थामा था। वह करीब एक माह पहले ही वापस पीडीपी में लौटे हैं।
