Jammu : किसानों की आमदनी बढ़ाने को जम्मू कश्मीर में भी बाजार से सहकारिता को जोड़ने की तैयारी
यूएमएमसीएल के आने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सहकारी समितियों को काफी लाभ मिलेगा। इस मौके पर ज्योति सरूप ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सबसे बड़ी खामी यहीं है कि यहां संगठित सप्लाई चेन नहीं होती और इस असंगठित सप्लाई चेन में किसान सबसे नीचे रहता है।

जागरण संवाददाता, जम्मू: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में सहकारिता को बाजार से जोड़कर किसानों की आमदनी बढ़ाने में अहम योगदान दे रही यूनाटी मल्टीपर्पज मल्टी स्टेट कोआपरेटिव सोसायटी (यूएमएमसीएल) अब जम्मू-कश्मीर में भी सहकारिता को मजबूत करेगी।
प्रदेश सहकारिता विभाग ने यूएमएमसीएल को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काम करने की अनुमति प्रदान की है। विभाग ने वीरवार को यूएमएमसीएल को एनओसी जारी की। तीन माह की चर्चा के बाद वीरवार को सहकारिता विभाग की सचिव यशा मुदगल ने सोसायटी की प्रमोटर ज्योति सरूप व विक्रांत डोगरा को यह एनओसी जारी की। यशा मुदगल ने कहा कि यूएमएमसीएल का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन स्थापित करना है। यह खेतों से फैक्ट्री और वहां से बाजार तक की चेन स्थापित करती है, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिल सके।
उन्होंने कहा कि यूएमएमसीएल के आने से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सहकारी समितियों को काफी लाभ मिलेगा। इस मौके पर ज्योति सरूप ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सबसे बड़ी खामी यहीं है कि यहां संगठित सप्लाई चेन नहीं होती और इस असंगठित सप्लाई चेन में किसान सबसे नीचे रहता है। इसलिए उसे अपने उत्पाद की कम कमाई होती है। उन्होंने कहा कि यूएमएमसीएल की योजना है कि पूरी सप्लाई चेन को एक प्लेटफार्म पर लाया जाए ताकि कृषि आधारित आर्थिक स्थिति को बल मिल सके।
सांबा के कंडी इलाकों में तेजी से मवेशियों में फैल रही लंपी बीमारी : जम्मू जिले के विभिन्न इलाकों में कहर बन रही लंपी बीमारी अब सांबा के कंडी इलाकों में भी मवेशियों में तेजी से फैलने लगी है। अब तक दर्जनों मवेशी इस बीमारी की चपेट में चुके हैं। कई गांवों में लंपी रोग से दुधारू मवेशी भी बीमार हुए हैं। प्रशासन ने पशु चिकित्सकों को अलर्ट किया है। विभिन्न टीमें गांवों का दौरा कर मवेशियों का उपचार कर रही हैं। कांग्रेस के ब्लाक प्रधान रघुवीर ¨सह बागल ने सरकार से लंपी रोग को महामारी घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के मवेशी इस बीमारी से मरे हैं, उनको सरकार की तरफ से मुआवजा दिया जाना चाहिए। र¨जद्रपुरा, राया, बढोडी, सुचानी, पाटी, रांजडी, नथवाल, संगवाल, पेखडी आदि गांवों में लंपी के मामले सामने आ चुके हैं। अब तक इन गांवों में पशु चिकित्सकों की कोई टीम नहीं आई है, इससे किसानों में रोष है।
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