श्रीनगर, राज्य ब्यूरो: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के महासचिव गुलाम नबी लोन हंजूरा ने जेल में बंद पीडीपी नेताओं व अन्य राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कैद किए गए पीडीपी नेताओं के साथ जेल में अमानवीय व्यवहार हो रहा है।

गुलाम नबी लोन हंजूरा ने कहा कि पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी और नईम अख्तर को अवैध रुप से जेल में बंद किया गया है। इसके बावजूद उन्हें जेल में जो मौलिक सुविधाएं व अधिकार मिलने चाहिए,उनसे भी उन्हें वंचित किया गया है। पाक रमजान में भी उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। पीडीपी महासचिव ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भी इन दो बुजुर्ग नेताओं को उनकी बीमार अवस्था के बावजूद जेल में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इससे बड़ी विडम्बना और क्या हाेगी कि एक तरफ भारत सरकार अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ अपने संबंध बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है,लेेकिन दूसरी तरफ वह अपने ही नागरिकों के साथ एक अमानवीय दुश्मन की तरह व्यवहार कर रही है।

भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं के प्रति अपना दुराग्रहपूर्ण व्यवहार छोड़, जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में लिए गए अपने गलत फैसलाें को भी सही करने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह कहती है कि जम्मू-कश्मीर में अब सब कुछ ठीक है तो फिर पीडीपी सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं को हिरासत में क्यों रखा गया है। जम्मू-कश्मीर सरकार और केंद्र सरकार को चाहिए कि वह जेलों में बंद सभी पीडीपी नेताओं व अन्य राजनीतिक कैदियों को तत्काल प्रभाव से रिहा करते हुए, जम्मू-कश्मीर में सुलह, शांति और विश्वास का माहौल बनाना चाहिए। 

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