Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Jammu Kashmir: साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए वालंटियर बनने का मौका

    By Edited By:
    Updated: Fri, 05 Feb 2021 08:09 AM (IST)

    Cyber Crime in Jammu Kashmir गृह मंत्रालय के साथ पंजीकृत होने वाले लोगों का ब्योरा जम्मू कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास रहेगा। इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (आइजीपी) क्राइम ब्रांच को वालंटियर रजिस्ट्रेशन का नोडल आफिसर बनाया गया है।

    Hero Image
    कोई भी व्यक्ति नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिग पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है।

    जागरण संवाददाता, जम्मू : गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को साइबर क्राइम वालंटियर बनने का मौका दिया है। इसके तहत प्रदेश के लोग वेबपोर्टल साइबरक्राइमडाटजीओवीडाटइन पर पंजीकरण कर स्वेच्छा से साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए अपनी सेवा दे सकता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गृह मंत्रालय के इस अनूठे प्रयास में लोगों को स्वयं सोशल मीडिया के जरिये झूठ और दुष्प्रचार करने वाले लोगों की पहचान करने और उस पर कार्रवाई करने के लिए एक मौका दिया है। जम्मू कश्मीर पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि साइबर क्राइम वालंटियर की तीन श्रेणी होंगी। पहली श्रेणी साइबर वालंटियर अनलाफुल कंटेंट फ्लेगर है, जिसका काम सोशल मीडिया पर बाल शोषण, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, आतंकवाद, कट्टरवाद और देश विरोधी गतिविधियों की खबर वायरल करने वाले की पहचान कर उसे सरकार तक पहुंचाना है।

    दूसरी श्रेणी साइबर अवेयरनेस प्रमोटर की है, जिसके तहत व्यक्ति स्वेच्छा से लोगों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करेगा। इस श्रेणी के लोग ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, महिलाओं और बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में जागरूक करेंगे। तीसरी श्रेणी साइबर एक्सपर्ट की है। इस श्रेणी में केवल विशेषज्ञ लोगों को ही गृह मंत्रालय के साथ जुड़ने का मौका मिलेगा। साइबर एक्सपर्ट श्रेणी में साइबर क्राइम फोरेंसिक, नेटवर्क फोरेंसिक के अलावा एवं वीडियो फोटो से छेड़छाड़ की पहचान करने वाले लोग आएंगे।

    कोई भी व्यक्ति नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिग पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है। इसके लिए उसे अपना पूरा नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, घर का पता अपलोड करना होगा। पहली और दूसरी श्रेणी में आने वाले लोगों की कोई विशेष वैरिफिकेशन नहीं होगी। अलबत्ता उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों की जांच जरूर होगी। तीसरी श्रेणी में पंजीकरण करवाने वाले लोगों की वैरिफिकेशन होगी।

    गृह मंत्रालय के साथ पंजीकृत होने वाले लोगों का ब्योरा जम्मू कश्मीर पुलिस की क्राइम ब्रांच के पास रहेगा। इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (आइजीपी) क्राइम ब्रांच को वालंटियर रजिस्ट्रेशन का नोडल आफिसर बनाया गया है।