जम्मू, [ विकास अबरोल ]। Uri Attack 2016: आज से ठीक छह वर्ष पहले 18 सितंबर 2016 की वो सुबह शायद ही आज तक कोई भारतवासी भूला हो जब पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के उड़ी में स्थित सेना के मुख्यालय पर कायराना हरकत करते हुए हमला कर दिया था। इस हमले में सेना के 19 जवान बलिदानी हो गए थे लेकिन ठीक 10 दिनों के भीतर ही भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) को अंजाम देकर अपने जवानों के बलिदान का बदला ले लिया था। 

भारतीय सेना की एक विशेष टीम पीओके में घुसकर न केवल आतंकियों को मौत की नींद सुलाकर आई बल्कि उनके ठिकानों को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए सकुशल लौट आई। भारत की इस सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान भी अवाक रह गया था। हालांकि पहले तो पाकिस्तान ने इसकी पुष्टि नहीं की थी लेकिन बाद में विश्वभर में अपनी किरकिरी होते देख पाकिस्तान ने भारत की सर्जिकल स्ट्राइक की बात को कबूला था।

18 सितंबर 2016 का हमला

18 सितंबर को सुबह करीब 5.32 बजे थे कि अचानक पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों ने उड़ी में सेना के मुख्यालय पर हमला कर दिया। यह चारों आतंकी पाकिस्तानी सेना की मदद से एलओसी पार कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। इन चारों आतंकियों ने सेना के मुख्यालय के समीप पहुंचते ही ग्रेनेडों की बौछार शुरू कर दी और देखते ही देखते कैंप में आग लग गई। भारतीय सेना के जवानों के साथ आतंकियों की मुठभेड़ छह घंटों से भी अधिक समय तक चली। इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 19 जवान बलिदान हो गए लेकिन चारों आतंकियों को भी मौत के घाट उतार दिया था।

28-29 सितंबर की आधी रात को दुश्मन के घर घुसकर किया काम तमाम

सेना के जवानों के सीने में ही नहीं बल्कि सभी देशवासियों के सीने में गुस्से की आग धधक रही थी। हर कोई चाहता था कि भारतीय सेना के जवान पाकिस्तान की इस नापाक हरकत को मुंह तोड़ जवाब दें। हुआ भी ऐसा ही। उड़ी हमले के ठीक 10 दिन बाद पाकिस्तानी आतंकियों को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। इसके लिए सेना के विशेष कमांडोज को चिन्हित किया गया। उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक आपरेशन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। एनएसएस अजीत डोभाल की ओर से सेना को सभी आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए थे। भारतीय सेना 28-29 सितंबर की आधी रात को पीओके में करीब चार किलोमीटर अंदर घुसकर 40 से अधिक आतंकियों और उनके नापाक ठिकानों को ध्वस्त कर सकुशल लौट आई। हालांकि इस दौरान सर्जिकल स्ट्राइक टीम में शामिल दो कमांडोज को मामूली चोटें भी आई थी।

बालीवुड में उड़ी द सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म बनाकर जांबाज जवानों को किया सलाम

भारतीय जवानों की इस जांबाजी का सिर्फ भारतवासी ही नहीं बल्कि भारत के प्रति स्नेह रखने वाला समूचा विश्व उसकी ताकत का कायल हो गया। बालीवुड में उड़ी द सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म बनाकर सभी के सामने पाकिस्तानी की काली करतूत को बड़े पर्दे भर दिखाया। आज भी अगर जब कभी हम सभी उड़ी द सर्जिकल सर्जिकल स्ट्राइक फिल्म देखते हैं तो हमारी छाती फख्र से चौड़ी हो जाती है।

Edited By: Vikas Abrol

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