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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kashmir: अब नहीं मिलेगी पत्थरबाजाें को पासपोर्ट-सरकारी नौकरी के लिए क्लीयरेंस

By Rahul SharmaEdited By:
Published: Sun, 01 Aug 2021 08:38 AM (IST)Updated: Sun, 01 Aug 2021 01:23 PM (IST)

संबधित व्यक्ति किसी भी तरह से पत्थरबाजी राज्य व राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों कानून ...और पढ़ें

अगर वह लिप्त है तो उसे किसी भी तरह से पासपाेर्ट या सरकारी सेवा के लिए क्लीयरेंस न दी जाए।
अगर वह लिप्त है तो उसे किसी भी तरह से पासपाेर्ट या सरकारी सेवा के लिए क्लीयरेंस न दी जाए।

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। राज्य व राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों और कानून व्यवस्था भंग करने व पत्थरबाजी में लिप्त रहे तत्वों को अब विदेश जाने का मौका नहीं मिलेगा। उन्हें सरकारी नौकरी भी नहीं मिलेगी, क्योंकि जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआइडी विंग ने अपने सभी क्षेत्रीय स्टाफ को निर्देश दिया है कि वे ऐसे तत्वों को सुरक्षा मंजूरी न दें।

सीआइडी की विशेष शाखा कश्मीर के एसएसपी ने अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मियों को इस इसंबंध में एक लिखित आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि वे पासपोर्ट सेवा और सरकारी सेवा या सरकारी याेजनाओं के संदर्भ में जब किसी व्यक्ति की जांच करते हुए उसकी सुरक्षा मंजूरी की रिपोर्ट तैयार करते हैं, तो उस समय यह जरूर ध्यान रखें कि संबधित व्यक्ति किसी भी तरह से पत्थरबाजी, राज्य व राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों, कानून व्यवस्था भंग करने में लिप्त न रहा हो। उसके बारे में संबधित पुलिस स्टेशन से भी पूरा पता किया जाए।

अगर वह ऐसी गतिविधियों में लिप्त है तो उसे किसी भी तरह से पासपाेर्ट या सरकारी सेवा के लिए क्लीयरेंस न दी जाए। संबधित पुलिस स्टेशन में या सुरक्षा एजेंसियों के पास अकसर ऐसे लाेगाें की सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरें, वीडियो, आडियो और क्वाडकाप्टर द्वारा ली गई तस्वीरें उपलब्ध रहती हैं, उनका पूरा संज्ञान लिया जाए। 

टीकाकरण करने गई टीम के साथ दुव्र्यवहार: जम्मू जिले के ज्याैड़ियां में टीकाकरण करने के लिए घर में गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुव्र्यवहार करने का आरोप लगाया है। यह मामला शनिवार दोपहर का है। मिली जानकारी के अनुसार कस्बे में रहने वाले व्यक्ति इंदू भूषण ने राज्यपाल को पत्र लिखा था कि वह अस्पताल में टीकाकरण के लिए नहीं जा सकते। इसीलिए घर में आकर उनका टीकाकरण होना चाहिए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ की टीम उक्त व्यक्ति के घर में टीकाकरण करवाने के लिए भेजी। उनके साथ वार्ड का कारपोरेटर भी था। लेकिन टीम जैसे ही उसके घर में पहुंची, उसने टीकाकरण से इंकार कर दिया। घर से बाहर निकली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुव्र्यवहार किया गया। टीकाकरण भी नहीं हुआ। बीएमओ ज्यौड़ियां डा. अशोक ने भी घटना की पुष्टि की है।