जीएमसी जम्मू में ब्लैक फंगस के नौ मरीजों की सर्जरी हुई
राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू में भर्ती ब्लैक फंगस के नौ मरीजों की सर्जरी कर उनका इलाज जारी है। हालांकि इनमें से कुछ संदिग्ध मरीज भी शामिल है।जीएमसी में ईएनटी और हेडनेक सर्जरी ने इन मरीजों की सर्जरी की।

जम्मू, राज्य ब्यूरो । राजकीय मेडिकल कॉलेज जम्मू में भर्ती ब्लैक फंगस के नौ मरीजों की सर्जरी कर उनका इलाज जारी है। हालांकि इनमें से कुछ संदिग्ध मरीज भी शामिल है।
जीएमसी में ईएनटी और हेड,नेक सर्जरी के विशेषज्ञ डाक्टरों ने इन मरीजों की सर्जरी की। मरीजों के इलाज में कई प्रकार की प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया। जीएमसी के विशेषज्ञ डाक्टरों के अनुसार यह वे मरीज हैं जो कि कोविड संक्रमित मिले हैं जो बाद में नेगेटिव हो गए थे। उनका कहना है कि अगर ऐसे मरीजों को लंबे समय तक स्टेरायड दिया जाए तो उनके नाक मे जरिए फंगस शरीर में प्रवेश कर देता है।
विशेषतौर पर कम इम्यूनिटी और मधुमेह के रोगियों में अधिक आशंका रहती है। बाद में फंगस आंखों, दिमाग को प्रभावित करता है। कई बार इससे आंखों की रोशनी चली जाती है जबकि कई बार तो मरीज की मौत भी हो जाती है।
जीएमसी में जिन मरीजों की सर्जरी हुई, उन्हें माइक्रोबायालोजी विभाग की एचओडी व इंचार्ज प्रिंसिपल डा. शशि सूदन, ईएनटी विभाग के एचओडी डा. प्रमोद कल्सोत्रा, डा. पदम सिंह, डा. सोनिका कनोत्रा, एनेस्थीसिया विभाग की एचओडी डा. स्मृति गुलहाटी, पैथालांजी विभाग के एचओडी डा. सुभाष भारद्वाज, आप्थामालोजी विभाग के एचओडी डा. सतीश गुप्ता, मेडिसिन विभाग के एचओडी डा. विजय कुंडल और डा. फियाज वानी ने सहयोग दिया। इसके अलावा सिस्टर साइमा, निशा, संजीव, मैथ्यू, फजल अहमद ने भी आपरेशन थियेटर में डाक्टरों की मदद की।
इसी बीच जम्मू कश्मीर में कोरेाना संक्रमण के मामलों में कमी आना शुरू हो गई है। हालांकि यह कमी पिछले एक सप्ताह से लगातार दर्ज की जा रही है। जम्मू शहर में इस समय वीकेंड लॉकडाउन जारी है। ऐसे में सभी बाजार बंद हैं और नाममात्र संख्या में ही लोग सड़कों पर जरूरी कामकाज के लिए ही निकल रहे हैं। शहर के विभिन्न चौराहों पर नाके लगाए हैं। बिना वजह घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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